आलीराजपुर/उदयगढ़। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने कहा है कि फाल्गुन मास के रंगों, मांदल की थाप और जीवन-प्रेम की उमंग से सराबोर भगोरिया पर्व जनजातीय संस्कृति, सामाजिक स्नेह और परंपरागत जीवन मूल्यों का जीवंत उत्सव है। इस पर्व की आत्मा को प्रत्यक्ष रूप से भगोरिया में सहभागी बनकर ही महसूस किया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आलीराजपुर जिले के उदयगढ़ में आयोजित स्थानीय भगोरिया पर्व में शामिल हुए और जनजातीय समाज के साथ इस सांस्कृतिक उल्लास को साझा किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उदयगढ़ के भगोरिया पर्व स्थल पर पारंपरिक लोकधुनों, नृत्य और उत्साहपूर्ण वातावरण ने पूरे क्षेत्र को सांस्कृतिक रंगों से भर दिया। मांदल, ढोल और अन्य पारंपरिक वाद्य यंत्रों की थाप पर थिरकते कदम, जनजातीय समाज की जीवंत परंपराओं को सजीव रूप में प्रस्तुत कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगोरिया पर्व केवल उत्सव नहीं, बल्कि जनजातीय संस्कृति, प्रेम और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। राज्य सरकार जनजातीय परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। विरासत को विकास की राह पर आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। यह पर्व राज्य सरकार की संवेदनशील सोच और जनजातीय पहचान की सशक्त अभिव्यक्ति को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव का जनजातीय समाज और स्थानीय नागरिकों द्वारा पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भव्य स्वागत किया गया। जनजातीय संस्कृति के प्रतीक स्वरूप उन्हें तीर-कमान भेंट की गई, वहीं प्रशासनिक अधिकारियों ने पुष्प-गुच्छ देकर उनका अभिनंदन किया। अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह ने मंच से सभी को राष्ट्रीय पर्व भगोरिया की शुभकामनाएं दीं और कहा कि मुख्यमंत्री की सहभागिता से उत्सव का उल्लास और भी बढ़ गया है।

भगोरिया उत्सव में जनजातीय युवक-युवतियां रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा में सजे-धजे नजर आए। पुरुष वर्ग धोती, अंगोछा और साफा धारण किए हुए था, जबकि महिलाएं कांचली, घाघरा, ओढ़नी और कढ़ाईयुक्त परिधानों में सुसज्जित रहीं। चांदी के हार, हांसली, कड़े, पायल और बिछिया जैसे पारंपरिक आभूषणों की झंकार ने पर्व की भव्यता को और बढ़ा दिया। कुर्ता-कुर्राटियों के साथ किए गए लोकनृत्य ने सामूहिक उल्लास और आपसी मेल-जोल का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर पूर्व सांसद गुमानसिंह डामोर, पूर्व विधायक माधोसिंह डावर, विशाल रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष, जनपद अध्यक्ष, इंदौर संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, कलेक्टर श्रीमती नीतू माथुर, पुलिस अधीक्षक सहित प्रशासनिक अधिकारी, स्थानीय नागरिक और बड़ी संख्या में जनजातीय समाज के लोग उपस्थित रहे। पूरे क्षेत्र में उत्सव, उल्लास और सांस्कृतिक चेतना का वातावरण व्याप्त रहा।