पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की तैयारी अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। दुर्गापूजा समाप्त होते ही, यानी 6 अक्टूबर के बाद से एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। राज्य मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) कार्यालय इसकी रूपरेखा को अंतिम रूप दे रहा है। यह प्रक्रिया चुनाव आयोग द्वारा पूरे देश में एसआईआर अभियान के तहत शुरू की जा रही है, जिसमें बंगाल अहम राज्य माना जा रहा है क्योंकि 2026 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।
सूत्रों के अनुसार, 2002 के एसआईआर डेटा को जनवरी 2025 की मतदाता सूची से मिलाने का काम लगभग पूरा कर लिया गया है। इस बीच चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव की दिशा में भी तैयारी तेज कर दी है। इसी क्रम में गुरुवार को सीईओ कार्यालय ने इलेक्शन मैनपावर मैनेजमेंट सिस्टम (ईएमएमएस) 2.0 पोर्टल लॉन्च किया है।
यह पोर्टल चुनाव कर्मचारियों की भर्ती और प्रबंधन को डिजिटल तरीके से सरल बनाएगा। शुक्रवार से ही इस पोर्टल पर राज्यभर के चुनाव कर्मचारियों का डेटाबेस तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अनुमान है कि आगामी चुनावों में लगभग 14,000 नए मतदान केंद्र जोड़े जाएंगे, जिससे बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) की संख्या में कमी की आशंका है। इस स्थिति से निपटने के लिए कई कर्मचारियों को पहले ही बीएलओ नियुक्त किया जा चुका है।
सीईओ कार्यालय ने सभी संबंधित सरकारी विभागों को अपने कर्मचारियों की जानकारी ईएमएमएस 2.0 पर अपलोड करने का आदेश दिया है। ऐसा न करने पर जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत कार्रवाई होगी और विभागाध्यक्ष को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
ईएमएमएस 2.0 पोर्टल की मदद से जिला प्रशासन चुनाव कर्मचारियों की भर्ती, स्थानांतरण, संपादन और सत्यापन जैसी सभी प्रक्रियाएं डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ही कर सकेगा। इससे न सिर्फ अद्यतन डेटा उपलब्ध रहेगा बल्कि कर्मचारियों की वास्तविक संख्या का सही-सही आकलन भी हो सकेगा।
चुनाव आयोग का लक्ष्य है कि एसआईआर शुरू करने से पहले पूरे राज्य में उपलब्ध कर्मचारियों का व्यापक डेटाबेस तैयार हो जाए। यह पहल नेशनल इनफॉर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) और पश्चिम बंगाल सीईओ कार्यालय की संयुक्त परियोजना है।