रिपोर्ट: सत्यम दुबे
चित्रकूट: चित्रकूट जिला जेल में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक बंदी ने दो कैदियों की गोली मारकर हत्या कर दी। मामले की सूचना होते ही डीएम, एसपी समेंत और कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। जेल में हुई वारदात के पर सीएम योगी ने नाराजगी जताई है। इसके साथ कई अधिकारियों को भी निलंबित कर दिया है। गोलीबारी में मारा गया एक कैदी माफिया मुख्तार अंसारी का करीबी था। जिसको देखते हुए बांदा जेल की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
आपको बता दें कि बांदा जिला जेल में ईद के दिन कैदी खुशियां मना रहे थे, तभी अचानक जेल का सायरन गूंजा। सायरन गूंजते ही कैदियों के रक्षक चौकन्ना हो गये वहीं कैदी अपनी बैरकों के अंदर चले गए। हालात तो ये हो गये थे कि कई कैदियों को खाना छोड़कर बैरक में भागना पड़ा। बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी और पंजाब आर्मरी लूटकांड के आरोपी व मुंबई के डी-2 गैंग के सुक्खा पाचा की बैरकों में पहरा और कड़ा कर दी गई है। सभी लोग हैरान रह गये कि ये हो क्या रहा है। जबकि ये चित्रकूट जिले जेल में हुई गैंगवार की घटना का असर था।
इसके साथ ही जेल अधीक्षक प्रमोद तिवारी व डिप्टी जेलर वीरेश्वर सिंह ने जेल का भ्रमण कर जायजा लिया। ईद की खुशी में जेल प्रशासन द्वारा शाम को दिए जा रहे सामूहिक भोज को भी टाल दिया गया। इसके साथ ही CCTV से शातिर कैदियो पर निगरानी तेज कर दी। कहा जा रहा कि चित्रकूट जेल में हुई गोलीबारी में मारे गए बंदी मेराजुद्दीन बाहुबली विधायक और गैंगस्टर मुख्तार अंसारी का गुर्गा रहा है।
शुक्रवार को जिला जेल में उस वक्त हड़कंप मच गया जब जेल में बंद कैदी अशुल दीक्षित ने माफिया मुख्तार अंसारी के करीबी कहे जाने वाले मेराज अहमद की गोली मारकर हत्या कर दी। इतना ही नहीं अंशुल ने पश्चिम यूपी के दुर्दांत अपराधी मुकीम काला को भी गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। जेल में हुए इस खूनी संघर्ष से प्रशासन में हड़कंप मच गया। जवाबी कार्रवाई में अंशुल भी मुठभेड़ में ढ़ेर हो गया।
मुख्तार के कबीरी मेराज अहमद उर्फ भाई मेराज की बात करें तो वह बीते 20 मार्च को प्रशासनिक आधार पर चित्रकूट जिला कारागार में भेजा गया था। भाई मेराज बाहुबली मुख्तार अंसारी के अलावा प्रेम प्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना बजरंगी के लिए भी काम करता था। बजरंगी गिरोह से जुड़कर उसने पूर्वांचल के कई व्यापारी और जमीन कारोबारियों को टारगेट किया।