भोपालः संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार जारी गुरु-शिष्य परंपरा योजना के मिनट्स ने देशभर के कलाकारों में गहरी नाराज़गी पैदा कर दी है। मंत्रालय के फैसले में बिना स्पष्ट कारण बताए लगभग 70 प्रतिशत से अधिक सक्रिय संस्थाओं (कुल 1164) के आवेदन रिजेक्ट या कूल्ड ऑफ कर दिए गए हैं। मध्यप्रदेश में ही 78 आवेदन रिजेक्ट और 44 कूल्ड ऑफ हुए हैं, जिससे सैकड़ों कलाकार प्रभावित हुए हैं।
कलाकारों का आरोप है कि इस बार चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी रही। न तो विषय-विशेषज्ञों की संतुलित भागीदारी सुनिश्चित की गई, न ही संस्थाओं को दस्तावेज़ी त्रुटियाँ सुधारने का अवसर दिया गया। इतना ही नहीं, कई मामलों में पहले पात्र पाई गई संस्थाओं को भी बाद में रिजेक्ट कर दिया गया।
मध्यप्रदेश में इस फैसले के बाद करीब 650 कलाकारों पर सीधा असर पड़ा है, जबकि नए कलाकारों को अपेक्षाकृत बहुत कम अवसर मिले हैं। इससे सांस्कृतिक गतिविधियों—प्रशिक्षण, प्रदर्शन और शोध—पर गंभीर संकट मंडरा रहा है।
इस निर्णय के विरोध में 7 अप्रैल 2026 को देशभर के रंगकर्मी दिल्ली कूच करेंगे और संबंधित अधिकारियों से मिलकर इस फैसले को वापस लेने की मांग करेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो यह निर्णय भारत की समृद्ध नाट्य, नृत्य और संगीत परंपरा पर दीर्घकालिक नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
भोपाल से संवाददाता सुनील मालवीय की रिपोर्ट