रिपोर्ट: सत्यम दुबे
नई दिल्ली: कोरोना महामारी से दुनिया जंग लड़ ही रही है, इसी बीज सोमवार को चीन से एक और घटना सामने आई है। चीन की राजधानी बीजिंग में पिछले 10 सालों में सबसे खतरनाक धूल भरी आंधी आई है। सोमवार को बीजिंग में आये इस तूफान की वजह से पूरा शहर पीले रंग की रोशनी से ढंक गया है। तूफान के कारण हालत इतनी खराब हो गई है कि वहां लाइट्स जलानीं पड़ गई हैं।

सड़को पर लोग कार के हेडलाइड्स जलाकर जलने पर मजबूर हो रहें हैं। तूफान के कारण वहां की वायु गुणवत्ता 1000 पार कर गई है। डॉक्टरों और वैज्ञानिकों की मानें तो तूफान सबसे ज्यादा घातक है। वहां की सरकार ने तूफान को देखते हुए 400 से ज्यादा उड़ाने रद्द कर दी हैं। ये धूल भरी आंधी मंगोलिया के पठारों से उड़ी धूल की वजह से आई है।
तूफान इतना भयानक और तेज था कि दिन में ही लोगो को घरों और सड़को की लाइटें जलानी पड़ी। पूरा शहर घने पीले और भूरे रंग की धूल भरी आंधी में डूब गई थी। ये आंधी इनर मंगोलिया और चीन के उत्तर-पश्चिम इलाके में हुई बारिश के बाद आई थी।

आपको बता दें कि वहां के हालात इतने खराब हो गये कि चाइना मेटरोलॉजिकल एडमिनिस्ट्रेशन को सोमवार को बीजिंग और आसपास के इलाके में यलो अलर्ट जारी करना पड़ा। धूल भरी आंधी इनर मंगोलिया से शुरू गांसूशांसी और हेबेई प्रांत तक फैली थी। चीन के ये प्रांत राजधानी बीजिंग से घिरे हुए हैं।
वहां के एयर क्वालिटी इंडेक्स की बात करें तो अधिकतम स्तर 500 पर पहुंच गया है। कुछ जिलों में PM 10 पार्टिकल का स्तर 2000 माइक्रोग्राम्स प्रति क्यूबिक मीटर पहुंच चुका है। जबकि कुछ इलाकों में AQI 1000 स्तर भी दर्ज किया गया। आपको बता दें कि यह प्रदूषण और स्वास्थ्य के हिसाब से बेहद खतरनाक है।