केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ बैठक की और राज्य में तीन नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन की समीक्षा की।
इस बैठक में गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, उत्तराखंड के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद थे।
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, ये नए कानून नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करने के साथ-साथ न्याय की सुगमता को सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने विशेष रूप से कानूनों के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन पर जोर दिया, ताकि राज्य में न्याय प्रक्रिया में पारदर्शिता और त्वरित निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके।
गृह मंत्री ने बताया कि जहां ज्यादा एफआईआर दर्ज होती हैं, वहां नए कानूनों के कार्यान्वयन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। साथ ही, फोरेंसिक तकनीकी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए राज्य के प्रत्येक जिले में एक से अधिक फोरेंसिक मोबाइल वैन उपलब्ध करानी चाहिए।
अमित शाह ने कहा कि अपराधों की जांच के लिए टीमों को तीन श्रेणियों में बांटा जाना चाहिए – गंभीर, सामान्य और अति सामान्य – ताकि संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सके। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि राज्य में सभी पुलिस थानों और जेलों में नए कानूनों के अमल की नियमित निगरानी की जाए।
केंद्रीय गृह मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए निर्धारित स्थानों पर उत्कृष्ट गुणवत्ता वाले कैमरों के उपयोग की भी बात की, ताकि मामलों की सुनवाई में कोई तकनीकी अड़चन न आए।
शाह ने उत्तराखंड सरकार से यह भी कहा कि Zero FIR के मामलों की नियमित मॉनीटरिंग की जाए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पीड़ितों को सही न्याय मिल रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री धामी से कहा कि वे हर 15 दिन में और मुख्य सचिव व पुलिस प्रमुख से सप्ताह में एक बार नए कानूनों के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा करें।
गृह मंत्री ने पुलिस अधिकारियों को भी आदेश दिया कि वे निर्धारित समयसीमा के भीतर मामलों की जांच पूरी करें और सुनिश्चित करें कि सभी मामले न्यायपूर्ण तरीके से निपटाए जाएं।
This Post is written by Abhijeet Kumar yadav