उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को आदेश दिया कि प्रवासी मजदूरों को 15 दिन के अंदर उनके गृह राज्य वापस भेजा जाए। इसके अलावा आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत प्रवासियों के खिलाफ दर्ज लाॅकडाउन के आदेशों का उल्लंघन करने वाले सभी मामले वापस लिए जाएं।
फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने कहा, केंद्र और राज्यों को सुव्यवस्थित तरीके से प्रवासी श्रमिकों की पहचान के लिए एक सूची तैयार करनी होगी। प्रवासी मजदूरों के लिए रोजगार राहत को मैप और कौशल मानचित्रण किया जाएगा। न्यायालय ने कहा कि श्रमिक ट्रेनों की मांग की स्थिति में रेलवे 24 घंटे के भीतर ट्रेनें उपलब्ध कराएगा।