Home ताजा खबर असम में नवंबर से सभी मदरसे बंद कर दिए जाएंगे, जानिए शिक्षा मंत्री ने और क्या कहा !

असम में नवंबर से सभी मदरसे बंद कर दिए जाएंगे, जानिए शिक्षा मंत्री ने और क्या कहा !

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All madrasas will be closed in Assam from November, know what else the Education Minister said!

असम राज्य की बीजेपी सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है। दरअसल सरकार अब अगले महीने सभी मदरसों को बंद करने जा रही है। बीजेपी के विधायक और राज्य के शिक्षा मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस बाबत पूरी जानकारी दी है।

उन्होंने इसके पीछे के कारण को भी विस्तार से समझाया है। दरअसल सरकार का यह मानना है कि जनता के पैसे से धार्मिक शिक्षा दिए जाने का कोई तुक नहीं बनता है इसलिए अगले महीने से सारे मदरसे बंद कर दिए जायेगे।

Modernising Madrasas: Govt Spends Rs 1,000 Cr In 7 Years | IndiaSpend

सरकार के इस निर्णय का प्रभाव ना सिर्फ मदरसों पर बल्कि संस्कृत के स्कूल पर भी पड़ने वाला है। दरअसल सरकार के द्वारा लिए गए इस निर्णय से 100 संस्कृत के स्कूल भी बंद किए जा सकते है।

हिमंत ने आगे बताया की मदरसे के जो टीचर है उन्हें सरकारी स्कूल में लगाया जा सकता है और बाकी जो होंगे उन्हें हम बंद कर देंगे। उन्होंने कहा है की सरकारी पैसे से कुरआन अगर पढाई जायेगी तो फिर गीता और रामायण भी पढ़ाना होगा इसलिए हम इन्हे बंद कर रहे हैं ताकि एकरूपता लाई जा सके।

आपको बता दे की आकंड़ो के अनुसार असम सरकार की ओर से 614 मदरसों का संचालन किया जा रहा है और इसके अलावा करीब 900 प्राइवेट मदरसे संचालित हो रहे हैं।

Indian state de-recognises madrasa education | India | Al Jazeera

भारत सरकार की एक रिपोर्ट कहती है की देश में कुल मुस्लिम आबादी के ४ फीसदी बच्चे मदरसे में जाते है। दरअसल मदरसे में पहले अरबी और उर्दू की तालीम दी जाती थी लेकिन फिलहाल वर्तमान में संस्कृत को छोड़कर सभी विषय पढ़ाये जाते है।

कुछ मदरसे ऐसे भी है जहां बच्चों को आधुनिक विज्ञान की पढ़ाई भी करवाई जाती है और बच्चे कंप्यूटर का ज्ञान भी प्राप्त करते है। फिलहाल भारत सरकार सभी मदरसों को फंड देती है और टीचर को पैसा भी देती है।

Madrasas have to strike a balance between sacred and secular… latter cannot be an afterthought in education' | Research News,The Indian Express

एक अनुमान के मुताबिक हर मदरसे में दस से बारह शिक्षक और 200 से क़रीब बच्चे होते है। इन मदरसों की पूरी व्यवस्था किसी सरकारी स्कूल की तरह ही चलती है जिसमें की साल के आखिर में बच्चों का टेस्ट लिया जाता है।

वैसे आपको बता दे की आम स्कूल में छुट्टी रविवार को होती है लेकिन मदरसों में नमाज को देखते हुए शुक्रवार को छुट्टी होती है।

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