रिपोर्ट: सत्यम दुबे
नई दिल्ली: कोरोना के दूसरे लहर के कहर से देश में हाहाकार मचा हुआ है, मरीज बिना ऑक्सीजन और दवाइयों के अपनी जान गंवा रहे हैं। सरकारों के लिए सबसे बड़ी चुनौती कोरोना के चेन को तोड़ना हो गया है। कोरोना हाहाकार देश ठप हो गया है। इन सब के बीच देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय आलीगढ़ विश्वविद्यालय में कोरोना का कहर देखने को मिला है। पिछले 20 दिनों में 17 प्रोफेसरों ने महामारी से अपनी जान गंवा दी है। खास बात यह है कि इनमें से कुछ ऐसे भी प्रोफेसर थे, जिनकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव भी आई थी।
कोरोना के विस्फोच का अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि AMU से जुड़े 16 लोगों का इलाज चल रहा है। इनमें ओएसडी प्रो. अफसर अली, प्रो. शुएब जहीर, प्रो. शादाब अहमद खान, प्रो. जाहिद, प्रो.अबू कमर, प्रो. एहतिशाम भी शामिल हैं। इनके अलावा कई का घर इलाज चल रहा है, कुछ निजी अस्पताल में इलाज करा रहे हैं।
महामारी के चपेट में जो लोग आये हैं, उनकी AMU टीचर्स एसोसिएशन के पूर्व सचिव व ईसी मेंबर प्रो. आफताब आलम ने सूची तैयार की है। इनमें एएमयू के लॉ फैकल्टी के डीन प्रो. शकील समदानी, पूर्व प्राक्टर प्रो. जमशेद, सिद्ददीकी, सुन्नी थियोलोजी डिपार्टमेंट के प्रो. एहसानउल्लाह फहद, उर्दू विभाग के प्रो. मौलाना बख्श अंसारी, पोस्ट हार्वेस्टिंग इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के प्रो. मो. अली खान, राजनीतिक विज्ञान विभाग के प्रो. काजी,मोहम्मशद जमशेद, मोलीजात विभाग के चेयरमैन प्रो. मो. यूनुस सिद्ददीकी, इलमुल अदविया विभाग के चेयरमैन गुफराम अहमद, मनोविज्ञान विभाग के चेयरमैन प्रो. साजिद अली खान, म्यूजियोलोजी विभाग के चेयरमैन डा. मोहम्मद इरफान, सेंटर फोर वीमेंस स्टडीज के डा. अजीज फैसल, यूनिवर्सिटी पालिटेक्निक के मोहम्मद सैयदुज्जमान, इतिहास विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर जिबरैल, संस्कृत विभाग के पूर्व चेयरमैन प्रो. खालिद बिन यूसुफ और अंग्रेजी विभाग के डा. मोहम्मद यूसुफ अंसारी आदि शामिल हैं।
इसके अलावा पिछले दो दिनों में एएमयू से सेवानिवृत्त तीन प्रोफेसरों की मौत हुई है। इनमें प्रो. मुबस्सिर अली, प्रो. इफत अफजाल, प्रो. सईद सिददीकी और फरमान हुसैन व अमरेटस प्रो फरहतउल्लारह खान व विधि संकाय के प्रोफेसर एम शब्बीरर आदि शामिल हैं।
महामारी से जान गंवाने वालों में ऋग्वेद में पीएचडी करने वाले प्रो. खालिद बिन यूसुफ भी हैं,ये वेद ज्ञान में माहिर थे। आठ छात्रों को वह पीएचडी भी करा चुके हैं। एएमयू के जनसंपर्क कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार प्रो. खालिद बिन यूसुफ दुनिया के पहले मुस्लिम स्कालर थे जिन्होंने ऋग्वेद में पीएचडी थी। लेकिन एएमयू के संस्कृत विभाग के चेयरमैन प्रो. मो. शरीफ ने इससे इनकार किया है। उनका कहना है कि दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रो. मो. इस्राइल खान पहले मुस्लिम थे जिन्होंने ऋग्वेद में पीएचडी की थी। एएमयू में ऋग्वेद पर पीएचडी करने वाले प्रो. खालिद बिन यूसुफ पहले व्यक्ति थे।