कृषि कानूनों: किसानों के समर्थन में अखिलेश यादव का भाजपा सरकार पर हमला
कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों के समर्थन में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर केंद्र की भाजपा सरकार पर हमला बोला है। अखिलेश ने एक बार फिर कहा कि भाजपा पूंजीपतियों का साथ दे रही है।
सपा अध्यक्ष ने शुक्रवार को ट्वीट करते हुए लिखा, आज कृषि-कानूनों के खिलाफ हो रहे आंदोलन का एक महीना पूरा हो रहा है। भाजपा अपने प्रिय अमीर मित्रों व पूंजीपति प्रायोजकों का समर्थन करते हुए ऐसे रास्ते पर चल पड़ी है जो किसान, मजदूर, निम्न व मध्यवर्ग सबके विरुद्ध जाता है। किसान-आंदोलन भाजपा सरकार की विफलता का जीवंत स्मारक है।
कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब, हरियाणा, यूपी समेत देश के अलग-अलग राज्यों के किसान दिल्ली की सीमाओं पर पिछले करीब एक महीने से डटे हुए हैं। किसानों का कहना है कि जब तक इन तीन कृषि कानूनों को वापस नहीं लिया जाता तब तक वे आंदोलन खत्म नहीं करेंगे।
वहीं, सरकार का कहना है कि ये कृषि कानून किसानों को फायदा पहुंचाने वाले हैं।
किसानों के समर्थन में पूरा विपक्ष केंद्र की भाजपा सरकार पर हमलावर है। राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, अखिलेश यादव समेत तमाम नेता इन कानूनों को किसान विरोधी करार देते हुए इस वापस लेने की मांग कर रहे हैं।
भाजपा सरकार सड़क पर बैठे अपने अधिकार के लिए लड़ते किसानों का अपमान कर रही है व ‘किसान सम्मान’ की नाममात्र की राशि की आड़ में काले कृषि-क़ानून लागू कर उनका हज़ारों-लाखों का नुक़सान करना चाहती है।
सत्ता के अहंकार में भाजपा किसानों व देश के हर नागरिक की थाली का भी अपमान कर रही है।
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) December 24, 2020
अखिलेश यादव ने शुक्रवार को ट्वीट करते हुए कहा कि किसान-आंदोलन भाजपा सरकार की विफलता का जीवंत स्मारक है। इससे पहले गुरुवार को अखिलेश ने ट्ववीट में लिखा था, भाजपा सरकार सड़क पर बैठे अपने अधिकार के लिए लड़ते किसानों का अपमान कर रही है व किसान सम्मान’ की नाममात्र की राशि की आड़ में काले कृषि-क़ानून लागू कर उनका हज़ारों-लाखों का नुक़सान करना चाहती है। सत्ता के अहंकार में भाजपा किसानों व देश के हर नागरिक की थाली का भी अपमान कर रही है।