अगर आप दिन रात पढ़ाई कर रहें है या फिर माता पिता की खून पसीने की कमाई से बेहतर इंसान बनने लिए रात दिन संघर्ष कर रहें ताकि आप कुछ बन जाये और परिवार का नाम रौशन कर बुढ़ापे में माँ पिता का सहारा बन सकें।
लेकिन सोचिये कि अगर आपके पास शिक्षा और काबिलियत होने के बावजूद भी अगर अच्छे परिणाम न निकले या फिर यूँ कहें कि आपके हिस्से की सरकारी नौकरी कोई ऐसा शख़्स कर रहा है जो बिना पढ़े लिखे यानि फ़र्ज़ी दस्तावेजों से सरकार और सिस्टम की आंखों में धूल-झोंककर हज़ारों रुपये की सरकारी तनख्वाह पा रहा हो तो आप पर क्या बीतेगी।
दरअसल ऐसा ही मामला आगरा में सामने आया है। जिसे पढ़कर आप सिस्टम पर सवाल खड़े करेंगे। बता दें कि शिकायतकर्ता अशोक कुमार द्वारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत की गई है कि शहर में कई शिक्षक फ़र्ज़ी डिग्री पाकर सरकारी स्कूल में सेवा दे रहे है।
आरोप है कि आगरा में सैकड़ों की तादाद में शिक्षक की बीएससी (वोकेशनल) के अंक प्रमाण पत्र से हज़ारों की तनख्वाह पा रहे है। इसी को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ से शिकायत की गई है।
सबसे दिलचस्प बात ये है कि सरकारी स्कूलों में सेवा दे रहे शिक्षकों की अंक प्रमाण पत्र का जो रोल नंबर है उसकी जगह डॉ भीमराव आंबेडकर विश्विद्यालय के छात्रों के लिए जारी किया गया है।
शिकायतकर्ता ने इस फर्ज़ी खेल में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की कार्यवाही पर भी सवाल उठाये है। इस दौरान बेसिक शिक्षा अधिकारी राजीव कुमार यादव ने कहा है कि मामला संज्ञान में है। जांच की जा रही है।
हर पहलू की बारीकी से पड़ताल कर जो विधिवत कार्यवाही होगी वह की जायेगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कहा कि आगरा में एक अभियान चलाया जा रहा है जो फर्ज़ी प्रमाण पत्र से सरकारी स्कूलों में नौकरी कर रहे है उनपर कार्यवाही की जायेगी।
हाल ही में आगरा में बीएड की फर्जी डिग्री पर नौकरी कर रहे 24 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपी शिक्षकों की गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है। इन 24 फर्जी बीएड डिग्रीधारी शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज कराया है।
ये सभी शिक्षक आगरा जिले के प्राथमिक विद्यालयों में सालों से नौकरी कर रहे थे। नौकरी के लिए इन्होंने डॉक्टर भीमराव आंबेडकर विवि आगरा की बीएड सत्र 2004-05 की फर्जी डिग्री लगाई थी।