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भोपाल में वानिकी सम्मेलन और IFS मीट-2026 के बाद मुख्यमंत्री ने रखी वन संरक्षण की भविष्य रूपरेखा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश आज देश में वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित हुआ है। राज्य को टाइगर स्टेट, चीता स्टेट, वल्चर (गिद्ध) स्टेट तथा घड़ियाल-मगरमच्छ संरक्षण के लिए विशेष पहचान मिली है।

By: Abhinav Tiwari 
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भोपाल में वानिकी सम्मेलन और IFS मीट-2026 के बाद मुख्यमंत्री ने रखी वन संरक्षण की भविष्य रूपरेखा

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित वानिकी सम्मेलन एवं भारतीय वन सेवा (IFS) मीट-2026 कार्यक्रम के पश्चात राज्य सरकार ने वन्यजीव संरक्षण और वन विकास की दिशा में अपनी उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साझा की। इसी के साथ कार्यक्रम में वन विभाग की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए भविष्य की कार्ययोजना पर भी विस्तार से बात की।

वन्यजीव संरक्षण में अग्रणी बना मध्य प्रदेश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश आज देश में वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित हुआ है। राज्य को टाइगर स्टेट, चीता स्टेट, वल्चर (गिद्ध) स्टेट तथा घड़ियाल-मगरमच्छ संरक्षण के लिए विशेष पहचान मिली है। उन्होंने बताया कि चीता पुनर्स्थापन परियोजना सहित कई संरक्षण अभियानों में राज्य ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।

नए अभयारण्य और वन्यजीवों की वापसी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि पिछले दो वर्षों में राज्य को दो नए टाइगर अभयारण्य प्राप्त हुए हैं, जिससे वन्यजीव संरक्षण को और मजबूती मिली है। साथ ही, हाथियों ने भी राज्य के जंगलों में स्थायी रूप से रहना शुरू कर दिया है, जो जैव विविधता के लिए सकारात्मक संकेत है।

आगामी संरक्षण परियोजनाएँ

सरकार की आगामी योजनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही असम से जंगली भैंसों को मध्य प्रदेश लाने की योजना पर काम किया जा रहा है। इसके अलावा चंबल नदी क्षेत्र में घड़ियाल और कछुओं के संरक्षण तथा उन्हें पुनः नदियों में छोड़े जाने की परियोजनाएँ भी आगे बढ़ाई जाएंगी।

वन पर्यटन से रोजगार को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वन पर्यटन को बढ़ावा देकर जंगलों के आसपास रहने वाले ग्रामीण और आदिवासी समुदायों की आय बढ़ाने तथा उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दे रही है। इससे संरक्षण और आजीविका दोनों को मजबूती मिलेगी।

वन अधिकारियों के योगदान की सराहना

सम्मेलन के दौरान वन विभाग और भारतीय वन सेवा के अधिकारियों द्वारा किए गए कार्यों की सराहना मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम को राज्य की समृद्ध जैव विविधता के संरक्षण और वन प्रबंधन को नई दिशा देने वाला मंच के रूप में देखा जा रहा है। यह सम्मेलन मध्य प्रदेश को देश के अग्रणी वन्यजीव संरक्षण मॉडल के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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