नई दिल्ली: दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क ऑटो और एयरोस्पेस इंडस्ट्री में धूम मचाने के बाद उनकी नजर अब टेलिकॉम इंडस्ट्री पर है। स्पेसएक्स ने भारत में ब्रॉडबैंड ऑपरेशंस शुरू करने के लिए कंपनी एक बना ली है। उनकी कंपनी स्पेस एक्सप्लोरेशन टेक्नोलॉजीज कॉरपोरेशन (SpaceX) ने स्टालिंक इंटरनेट सर्विस के लिए 1,000 से भी अधिक सैटेलाइट छोड़े हैं। कंपनी अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा में धड़ाधड़ ग्राहकों के साथ साइन करने में लगी है। SpaceX ने निवेशकों से कहा है कि स्टारलिंक की नजर इन-फ्लाइट इंटरनेट, मैरिटाइम सर्विसेज, भारत और चीन में डिमांड और रूरल कस्टमर्स पर है। यह पूरा बाजार एक ट्रिलियन डॉलर का है। स्पेसएक्स की सैटेलाइट ब्रॉडबैंड आर्म स्टारलिंक की 2 लाख एक्टिव टर्मिनल्स के साथ दिसंबर 2022 से भारत में ब्रॉडबैंड सर्विसेज शुरू करने की योजना है। हालांकि सरकार ने अभी तक इसके लिए कंपनी को अनुमति नहीं दी है।
स्पेसएक्स में स्टालिंक के भारत में डायरेक्टर संजय भार्गव ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि स्पेसएक्स की अब भारत में सौ फीसदी स्वामित्व वाली कंपनी मौजूद है। इसका नाम एसएससीपीएल- स्टारलिंक सेटेलाइट कम्युनिकेशंस प्राइवेट लिमिटेड है। इसका गठन 1 नवंबर, 2021 को किया गया है। हैप्पी बर्थडे SSCPL। अब हम लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकते हैं और बैंक अकाउंट खोल सकते हैं।
अति पिछड़े जिलों में सर्विसेज शुरू करने की है योजना

सूत्रों के मुताबिक कंपनी की देश के 12 अति पिछड़े जिलों में पायलट सैटेलाइट बेस्ड ब्रॉडबैंड सर्विसेज शुरू करने की योजना है। साथ ही कंपनी देश के 100 स्कूलों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी के लिए नीति आयोग के साथ मिलकर काम कर रही है। इसमें से 20 स्कूल दिल्ली में होंगे। स्टारलिंक का जोर ग्रामीण इलाकों में ब्रॉडबैंड सेवाएं बढ़ाने पर है। कनेक्शन के लिए प्री-बुकिंग शुरू हो गई है। स्टारलिंक इंटरनेट के लिए प्री-बुकिंग फिलहाल दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद और बेंगलूरु के लिए हो रही है।
स्टारलिंक का दावा है कि उसे भारत में 5,000 से अधिक प्री-ऑर्डर मिल चुके हैं। कंपनी इसके लिए कस्टमर से 99 डॉलर यानी 7,350 रुपये ले रही है जो पूरी तरह रिफंडेबल है। कंपनी का दावा है कि वह बीटा स्टेज में 50 से 150 Mbps की स्पीड होगी। टेस्टिंग पूरा होने के बाद 300 Mbps तक की स्पीड दी जाएगी। मस्क ने यह भी कहा है कि Starlink के जरिए पूरी दुनिया में इंटरनेट देने की प्लानिंग है।
राह नहीं होगा आसान
मस्क की कंपनी का मुकाबला मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया से होगा। साथ ही भारती ग्रुप के निवेश वाली वनवेब से इसका सीधा मुकाबला होगा। रिलायंस जियो 5जी लॉन्च करने की तैयारी में है। भारत में अब करीब 65 करोड़ इंटरनेट उपयोगकर्ता हैं जो औसतन 12 GB डेटा प्रतिमाह इस्तेमाल करते हैं। जियो ने सस्ती कीमतों पर डेटा और सेवाएं प्रदान करके बाजार के आकार को बढ़ाया है। अब स्टारलिंक के आने से एक बार फिर बाजार में तहलका मच सकता है।
अभी नहीं मिली है अनुमति
ब्रॉडबैंड इंडिया फोरम ने सरकार से स्पेसएक्स को अपने स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट सर्विसेज के बीटा वर्जन की प्री-सेलिंग रोकने का कहा था। उनका कहना है कि अमेरिकी सैटेलाइट ऑपरेटर के पास इसके लिए उचित लाइसेंस या ऑथराइजेशन नहीं है। डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशंस (DoT) के एक सीनियर अधिकारी के मुताबिक यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि स्टारलिंक की बीटा सर्विस देश के नियमों के खिलाफ है या नहीं।