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प्रशासन ने कोर्ट के आदेश पर गिराई अवैध मस्जिद तो UP में बढ़ा सियासी पारा, अखिलेश बोले- BJP की सांप्रदायिक राजनीति

By: RNI Hindi Desk 
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प्रशासन ने कोर्ट के आदेश पर गिराई अवैध मस्जिद तो UP में बढ़ा सियासी पारा, अखिलेश बोले- BJP की सांप्रदायिक राजनीति

रिपोर्ट: सत्यम दुबे

बाराबंकी: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में प्रशासन ने एक अवैध मस्जिद को ढहाने की कार्रवाई की तो, सियासत गर्म हो गई है। यहां एक 100 साल पुरानी मस्जिद को प्रशासन द्वारा ढहाने पर बवाल खड़ा हो गया। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की मानें तो प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई गलत है, तो समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस BJP की सांप्रदायिक राजनीति से भी जोड़ दिया।

अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि शासन-प्रशासन का यह कार्य भारतीय संविधान के सामाजिक सद्भाव की अवधारणा के खिलाफ है। यूपी में चुनाव निकट आता देख भाजपा सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने में सक्रिय हो गई है। देश की गंगा जमुनी संस्कृति को बिगाड़कर बीजेपी अपनी राजनीति करती रही है। भाजपा नफरत की राजनीति से धार्मिक उन्माद फैलाना चाहती है। जनता को इससे सतर्क रहने की आवश्यकता है। सौ वर्ष पुरानी मस्जिद को तोड़ना सत्ता का दुरुपयोग है। भाजपा का ऐसे कृत्यों में संलिप्त रहने का इतिहास रहा है।

वहीं इस मामले में जिलाधिकारी डॉ. आदर्श सिंह का कहना है कि तहसील परिसर में उपजिला मजिस्ट्रेट के आवास के सामने अवैध रूप से बने आवासीय परिसर के संबंध में कोर्ट ने संबंधित पक्षकारों को 15 मार्च 2021 को नोटिस भेजकर स्वामित्व के संबंध में सुनवाई का मौका दिया था। नोटिस जारी होते ही परिसर में निवास कर रहे लोग परिसर छोड़कर फरार हो गए, जिसके बाद सुरक्षा की दृष्टि से 18 मार्च 2021 को तहसील प्रशासन द्वारा अपना कब्जा प्राप्त कर लिया गया।

जिलाधिकारी ने आगे बताया कि माननीय इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ खंडपीठ) द्वारा इस मामले को निस्तारित करने पर यह सिद्ध हुआ कि आवासीय निर्माण अवैध है। इसी आधार पर उपजिला मजिस्ट्रेट रामसनेही घाट न्यायालय में न्यायिक प्रक्रिया के अंतर्गत पारित आदेश का अनुपालन 17 मई 2021 को कराया गया है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा दिए गये निर्देश के अनुसार प्रशासन ने कार्रवाई की, जिसके बाद इस मामले में सियासत भी गर्मा गई है। समाजवादी पार्टी ने मस्जिद तोड़े जाने की निंदा की है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने एक प्रतिनिधिमंडल भी बनाया है, जो गुरुवार को बाराबंकी के जिलाधिकारी डॉ. आदर्श सिंह से मिला और इस घटना के बारे में बातचीत कर उन्हें राज्यपाल के नाम का ज्ञापन सौंपा।

सपा द्वारा बनाये गये प्रतिनिधिमंडल में पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद सिंह गोप, पूर्व सांसद राम सागर रावत, पूर्व कैबिनेट मंत्री फरीद महफूज किदवई, पूर्व कैबिनेट मंत्री राकेश वर्मा, सपा विधायक सुरेश यादव, सपा एमएलसी राजेश यादव राजू के साथ सपा विधायक गौरव रावत शामिल थे।

प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी से मुलाकात के बाद बाराबंकी के रामसनेही घाट में 100 साल पुरानी मस्जिद को ध्वस्त किए जाने की घटना को निंदनीय बताया। इस दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद सिंह गोप ने कहा कि शासन-प्रशासन का यह कृत्य भारतीय संविधान के सामाजिक सद्भाव की अवधारणा के खिलाफ है। प्रदेश में चुनाव पास आता देख बीजेपी सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने में सक्रिय हो गई है। जनता को इससे सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि देश की गंगा-जमुनी संस्कृति बिगाड़ कर बीजेपी अपनी राजनीति करती रही है। गोप ने इस घटना की जांच उच्च न्यायालय के जज से कराने और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है।

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