उत्तर प्रदेश के लखनऊ में कोचिंग संस्थान में हुई आगजनी की घटना में छात्रों की मौत के बाद प्रशासन ने सुरक्षा मानकों को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। इसी क्रम में मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में भी कोचिंग संस्थानों की फायर सेफ्टी व्यवस्था की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर नरवर तहसीलदार विजय कुमार त्यागी ने राजस्व टीम के साथ कस्बे में संचालित कोचिंग संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई संस्थानों में शासन द्वारा निर्धारित अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं पाया गया।
जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद प्रशासन ने कड़ा कदम उठाते हुए जागृति इंस्टीट्यूट ऑफ इंग्लिश, जान्हवी कोचिंग क्लासेज, भार्गव कोचिंग क्लासेज और अनिल कोचिंग क्लासेज को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
निरीक्षण के दौरान एक चौंकाने वाला मामला भी सामने आया, जिसमें पाया गया कि कुछ कोचिंग संस्थान गोदाम जैसे असुरक्षित भवनों में संचालित किए जा रहे थे। इस पर तहसीलदार ने कड़ी नाराजगी जताते हुए संचालकों को फटकार लगाई और छात्रों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता न करने की चेतावनी दी।

तहसीलदार विजय कुमार त्यागी ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी कोचिंग संस्थानों को फायर सेफ्टी सहित शासन द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा, अन्यथा सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने जानकारी दी है कि नरवर क्षेत्र में संचालित सभी कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण लगातार जारी रहेगा, ताकि विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और किसी भी संभावित हादसे को रोका जा सके।