पिछले लोकसभा चुनाव हारने के बाद से ही कांग्रेस में कलह जारी है। इसी बीच हाल ही में संपन्न हुए बिहार विधानसभा चुनाव भी कांग्रेस हार चुकी है जिसके बाद से ही लगातार पार्टी की आलोचना हो रही है।
70 सीट मिलने के बाद भी कांग्रेस सिर्फ 19 सीट ही जीत पाई है। कल ही आरजेडी के नेता ने कांग्रेस और राहुल गाँधी को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि राहुल गाँधी बिहार चुनाव में काम करने की बजाय पिकनिक मना रहे थे।
अब कांग्रेस के अंदर से भी सवाल उठ रहे है। ताजा मामला वकील और कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल का है। दरअसल उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि पार्टी नेतृत्व ने शायद हर चुनाव में पराजय को ही अपनी नियति मान ली है।
उन्होंने कहा कि बिहार ही नहीं, उपचुनावों के नतीजों से भी ऐसा लग रहा है कि देश के लोग कांग्रेस पार्टी को प्रभावी विकल्प नहीं मान रहे हैं। उनके इस बयान पर अब बंगाल कांग्रेस के प्रमुख का बयान आया है।
उन्होंने प्रेस वार्ता में कहा, अगर कोई नेता सोचता है कि कांग्रेस उसके लिए सही पार्टी नहीं है तो वो नई पार्टी बना सकता है या कोई और पार्टी जॉइन कर सकता है, जिसके बारे में वो सोचता हो कि ये उसके लिए सही दल है, लेकिन उनको इस तरह की शर्मनाक गतिविधियों में लिप्त नहीं होना चाहिए।
ज्ञात हो, कुछ समय पहले कपिल सिब्बल, गुलाम नबी आजाद समेत 22 बड़े नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखी थी, जिसमें कांग्रेस में आत्ममंथन और बदलाव की बात कही गई थी।