नई दिल्ली : देश में हर रोज महिला उत्पीड़न के ऐसे कई मामले सामने आते रहें है, जिससे लगातार सरकार और प्रशासन कटघरे में खड़े नजर आता हैं, लेकिन जब लोग खुद ही कानून का गलत इस्तेमाल करने लगे तो फिर पुलिस का भी उन पीड़िताओं पर यकिन नहीं रहता, जो सचमुच इस तरह की घटना के भुक्तभोगी है। एक ऐसा ही मामला यूपी के लखनऊ का हैं।

दरअसल शुक्रवार देर रात एक युवती लख़नऊ के थाना हज़रतगंज स्थित गंज चौराहे पर गिरकर चिल्लाने लगी कि उसके साथ गलत हो रहा है। जिसे देखकर वहां से गुजर रहे एसीपी वेस्ट ज़ोन आईपी सिंह ने उस युवती को उठाया, और पहले इस घटना की जानकारी ली। इस दौरान एसीपी ने महिला के मुंह में खून लगा हुआ देखा, जहां से कुछ दूरी पर 2 युवक अन्य कार में मौजूद थें।
उसके बाद पुलिस सभी को थाने ले आई। फिर जब पुलिस ने सभी की मौजूदगी में उस महिला से पूछताछ की तो उसने गोलमोल जवाब देना शुरू किया और साथ लाये दोनों युवकों में से एक को अपना पति और एक को अपना भाई बताया। युवती ने बताया कि ये मेरे पति और भाई हैं. हम दोनों लोग साथ में थे। पति ने हल्का सा धक्का दिया और मैं गिर गई। मुझे कुछ याद नहीं है। भाई को मैंने बुलाया था। उस समय का मुझे अब कुछ याद नहीं है।

पुलिस डीसीपी सेंट्रल ज़ोन सोमेन वर्मा के मुताबिक, दो युवक, एक युवती के साथ हज़रतगंज चौराहे पर बवाल कर रहे थे। युवती सड़क पर गिर गई थी और उसके मुंह से खून निकल रहा था। उस समय यह बोल रही थी कि मेरे साथ गलत कर रहे हैं, जबरदस्ती कर रहे हैं। बाद में जब पूछताछ की गई तो कुछ बता नहीं पा रही थी। इस दौरान सभी ड्रिंक किये हुए थे। बाद में महिला ने बताया कि एक व्यक्ति उसका पति है जिसने पिटाई की है और एक व्यक्ति उसका भाई है। हालांकि इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई थी। पुलिस सभी को थाने लाई और शांति भंग की कार्यवाही करते हुए धारा 151 में दोनों व्यक्तियों का चालान कर दिया और युवती को घर भेज दिया।
मौके पर मौजूद पुलिस ने युवती को हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां उसका इलाज कर पूछताछ के बाद घर को भेज दिया गया। जबकि दोनों युवकों पर धारा 151 में कार्रवाई कर वापस भेज दिया गया।