आगर मालवा से किसानों के लिए प्रेरणादायक खबर सामने आई है। जो यह बताती है कि बदलती सोच से किस्मत भी बदली जा सकती है। कोरोना काल में लिया गया एक फैसला आज एक किसान की जिंदगी बदल चुका है।
यहा मामला आगर मालवा जिले के ग्राम आवर का है। जहां एक किसान ने कोरोना काल में हालात से हार मानने के बजाय रास्ता बदलने का फैसला किया। कोरोना काल में जब परम्परागत खती से आमदनी कम हो गई, तब इस किसान ने जोखिम उठाया और करीब ढाई बीघा जमीन में पपीते की खेती शुरू की।
हालांकि किसान को शुरुआत में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। लेकिन मेहनत, लगन और नई सोच ने धीरे-धीरे तस्वीर बदल दी। आज यही ढाई बीघा जमीन इस किसान को पहले के मुकाबले तीन गुना ज्यादा आमदनी दे रही है।
किसान की सफलता की एक और खास बात जैविक खेती है। गोबर की खाद और प्राकृतिक तरीकों को अपनाकर इन्होंने लागत कम की और फसल की गुणवत्ता बढ़ाई। इससे आसपास के कई किसान भी इस मॉडल को अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
आगर मालवा से संवाददाता धीरप हांडा की रिपोर्ट