मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में 29 जनवरी को मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ में कृषकों को भावांतर राशि अंतरण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के 1 लाख 17 हजार किसानों के खातों में 200 करोड़ रुपये की भावांतर राशि अंतरित करेंगे। यह भुगतान योजना की चौथी किस्त के रूप में किया जाएगा।
भावांतर राशि उन किसानों को दी जाएगी, जिन्होंने 20 दिसंबर 2025 से योजना की समाप्ति तिथि तक सोयाबीन का विक्रय किया है। सरकार का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाकर आय को स्थिर और सुरक्षित बनाना है।
प्रदेश में भावांतर भुगतान योजना के तहत अब तक 7 लाख 10 हजार किसानों को कुल 1492 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किया जा चुका है। यह योजना किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
भावांतर राशि वितरण कार्यक्रम के साथ-साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मल्हारगढ़ क्षेत्र को 69.50 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात भी देंगे। इनमें शामिल हैं-
51.91 करोड़ रुपये की लागत से मंदसौर-नीमच स्टेट हाईवे पर स्थित मल्हारगढ़ 4-लेन फ्लाईओवर का भूमि-पूजन
5.53 करोड़ रुपये की लागत से पिपलिया मंडी समपार रेलवे अंडर ब्रिज का भूमि-पूजन
2.06 करोड़ रुपये की लागत से मल्हारगढ़ रेलवे स्टेशन रोड पर पुल निर्माण कार्य का लोकार्पण
इन विकास परियोजनाओं के पूर्ण होने से क्षेत्र में यातायात व्यवस्था सुदृढ़ होगी और आमजन को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही कृषि उपज के परिवहन में भी सुविधा बढ़ेगी, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। भावांतर भुगतान योजना और सड़क-पुल जैसी परियोजनाएं इसी प्रतिबद्धता का प्रत्यक्ष उदाहरण हैं।