अनुज की रिपोर्ट
पशुपालन विभाग में 292 करोड़ का टेंडर दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये का घोटाला सामने आया है। इस घोटाले के तार बड़े बड़े लोगों से जुड़े है और पूरा खेल देखकर अधिकारियों के होश उड़ गए है।
इस घोटाले में वर्तमान राज्यमंत्री पशुधन, मत्स्य एवं दुग्ध विकास का प्रधान निजी सचिव रजनीश दीक्षित, सचिवालय का संविदा कर्मी धीरज कुमार देव।
कथित पत्रकार एके राजीव व खुद को पशुपालन विभाग का उपनिदेशक बताने वाला आशीष राय जैसे बड़े बड़े नाम शामिल है।

पकड़ा गया जालसाज आशीष राय विधानसभा के अंदर अफसर बनकर कर बैठता था, इंदौर के व्यापारी मनजीत को विधानसभा में बुलाकर इसी ने झांसा दिया था।
आरोपितों के पास से कुल 28 लाख 32 हजार रुपये बरामद किए गए हैं। इसके अलावा एसके मित्तल के नाम से फर्जी पहचान पत्र व अन्य कागजात बरामद किए गए हैं।
फर्जीवाड़े का यह खेल वर्ष 2018 में शुरू हुआ था। इसके पीछे ब्यूरोक्रेसी के कई अधिकारी समेत कुछ पुलिस विभाग से सम्बंधित अधिकारियों की संलिप्तता भी उजागर हुई है।

एएसपी एसटीएफ विशाल विक्रम सिंह के मुताबिक पशुपालन विभाग में फर्जी टेंडर के माध्यम से नौ करोड़ 72 लाख रुपये की ठगी की शिकायत मिली थी।
इस मामले की शिकायत बगला नंबर चार, 25 पुरनीता कालोनी बिचोेली हप्सी, इन्दौर मध्य प्रदेश निवासी मंजीत सिंह भाटिया ने की थी।
ये सारा खेल 3 फीसदी कमीशन पर होता था। आपको बता दे कि हजरतगंज में दर्ज एफआइआर की जांच एसपी गोमतीनगर संतोष सिंह को दी गई है।
आरोपितों के खिलाफ जालसाजी, कूटरचित दस्तावेज बनाने, साजिश रचने और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज हो गया है।