Home उत्तर प्रदेश मीडिया की ताकत का दिखा असर, अब नहीं दिखेंगी 5 साल की बच्ची को गोद में लेकर टिकट काटने वाली महिला कंडक्टर

मीडिया की ताकत का दिखा असर, अब नहीं दिखेंगी 5 साल की बच्ची को गोद में लेकर टिकट काटने वाली महिला कंडक्टर

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रिपोर्ट: नंदनी तोदी
गोरखपुर: मीडिया एक ऐसी ताकत है जो उन सभी मुद्दों को आगे ला देती है जो किसी कारणवश दबे हुए हैं। मीडिया उन लोगो का सहभागी बन जाता है जिनकी आवाज़ सीनियर तक नहीं पहुँच पाती। ऐसा ही हुआ कुछ जब एक महिला अपने पांच साल के बच्चे के साथ हर दिन 165 KM सफर करती थीं।

दरअसल, गोरखपुर में मालवीय नगर की रहने वाली शिप्रा दीक्षित उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग में नौकरी करती थी। शिप्रा ने 25 जुलाई 2020 को मैटरनिटी लीव ली थी जिसके बाद 21 अगस्‍त 2020 को उन्‍होंने बच्‍ची को जन्‍म दिया। वहीं 19 जनवरी 2021 को छुट्टी खत्म होते ही उन्हें 25 जनवरी को काम पर लौटते ही अधिकारियों ने उन्‍हें कार्यालय में काम पर लगा दिया।

कुछ ऐसा हुआ कि दो दिन पहले उन्हें बस में कंडक्टर के पद निर्देशित कर दिया गया। हालाँकि उन्‍होंने सीनियर अधिकारियों से मांग थी कि कोरोना और ठंड में बच्‍ची छोटी होने की वजह से वे बस में जाने में सक्षम नहीं हैं। लेकिन अधिकारियों ने उनकी नहीं सुनी।

नौकरी छिन जाने के डर से और मजबूरन उन्हें पिछले दो दिनों से 5 साल की बच्‍ची को लेकर बस में नौकरी करना पड़ रहा है। जिसके बाद उस मासों की तबियत भी खराब हो गई थी।

जब ये खबर मीडिया मई आई तब शिप्रा और उसके बच्चे की ज़िन्दगी बदल गई। मीडिया में खबर सामने आने के बाद से सीनियर अधिकारी एक्शन में आएं और MST पटल पर शिप्रा की अनिश्चितकाल के लिए तैनाती की गई है।

अपनी ख़ुशी जाहिर करते हुए शिप्रा ने बताया कि जब अपनी 5 माह की मासूम बेटी निष्ठा के साथ यात्रियों की टिकट काटने के लिए बस में चढ़ी तो मुझे उसकी जिंदगी खतरे में दिखने लगी थी। मैंने अपने अधिकारियों से निवेदन किया था कि मुझे ऑफिस में ही कोई कार्य दे दिया जाए। लेकिन अफसरों ने नहीं सुना। लेकिन मीडिया में आने के बाद से उनकी मांग पूरी हो गई।

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