रिपोर्ट: सत्य़म दुबे
नई दिल्ली: पाकिस्तान दुनिया का इकलौता ऐसा देश है, जहां कट्टरपंथ देन पर दिन बढ़ता ही जा रहा है। पाकिस्तान में कट्टरपंथी इस हद तक है कि जब सोमवार को हरीक-ए-लब्बैक के प्रमुख साद रिजवी को गिरफ्तार कर लिया गया तब वहां हिंसा बेकाबू हो गई है। हिंसा इस हद तक भड़की है कि अबतक एक पुलिसकर्मी समेंत कई लोगों की जान चली गई है। मौलाना साद रिजवी के गिरफ्तारी की विरोध करते हुए उसके समर्थक सड़क पर उतर कर उन्माद मचा रहें हैं। इस दौरान वहां की पुलिस बेबस,लाचारी के अलावा कुछ भी करने में असमर्थ है।
तहरीक-ए-लब्बैक के पाकिस्तान प्रमुख साद रिजवी को पुलिस ने 12 अप्रैल को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद साद के समर्थक उग्र होकर रात में सड़कों पर आ गए। रात में पुलिस के साथ हुई झड़प में एक पुलिसकर्मी की जान चली गई। लाहौर के पास शाहदरा कस्बे के पास भी कम से कम दस पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना है। पंजाब प्रांत में भी दो लोगों के मारे जाने की सूचना है।
मौलवी साद रिजवी की गिरफ्तारी का कारण ये था कि उसने पैगंबर मोहम्मद का चित्र प्रकाशित किए जाने को लेकर फ्रांस के राजदूत को पाकिस्तान से निकालने की मांग सरकार से की थी। आपको बता दें कि मौलाना रिजवी ने पाकिस्तानी सरकार को धमकी भी दी थी। उसने धमकी देते हुए कहा था कि राजदूत पर कार्रवाई नहीं की जाती तो उग्र प्रदर्शन होंगे। इस बयान के बाद पुलिस ने साद को गिरफ्तार कर लिया था।
मौलाना गिरफ्तारी के बाद उसके समर्थकों ने हिंसा शुरू कर दी। इसके बाद पाकिस्तान में कट्टरपंथी उग्र हो गए और हिंसा को अंजाम देने लगे। हिंसा भड़कने के बाद भी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान चुप्पी साधे हुए हैं। वो कुछ भी खुलकर बोल नहीं पा रहे हैं। जानकारों ने अनुमान लगाया है कि पीएम इमरान खान डर रहे कि कहीं कट्टरपंथी और उग्र न हो जाएं।
साद रिजवी के हजारों समर्थकों ने कई प्रमुख मार्गों को जाम कर दिया है। हजारों लोग सड़कों पर फंसे हुए हैं लेकिन प्रशासन लाचार दिख रहा।
मौलाना साद की बात करें तो तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान के नेता खादिम हुसैन रिजवी के निधन के बाद साद रिजवी इस संगठन का प्रमुख बना था। खादिम रिजवी उसके पिता थे। साद हमेशा से पाकिस्तान पर कट्टरपंथी विचारधारा को थोपने के लिए तरह तरह से दबाव बनाता रहता है।