दिल्ली में 2012 में हुए निर्भया गैंगरेप (Nirbhaya Gangrape Case) पीड़िता की वकील सीमा कुशवाहा (Seema Kushwaha) को अपने पाले में खींच लिया है। यूपी की राजधानी लखनऊ में बीएसपी के राष्ट्रीेय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र ने सीमा कुशवाहा को पार्टी की सदस्यता दिलाई।
इस दौरान पार्टी के कई बड़े नेता भी मौजूद रहे। इसे बसपा का बड़ा कदम बताया जा रहा है, क्योंकि पिछले काफी समय से सीमा कुशवाहा देशभर की लड़कियों की रोल मॉडल बनी हुई हैं।
यही नहीं, निर्भया गैंगरेप पीड़िता के परिवार को न्याय दिलाने वाली सीमा सुप्रीम कोर्ट में वकालत करती हैं और इस वक्तै आधा दर्जन ज्यारदा दुष्कर्म पीड़िताओं को न्याय दिलाने के लिए संघर्षरत है। इसमें हाथरस गैंगरेप का मामला भी शामिल है। माना जा रहा है कि वह आगामी विधानसभा चुनाव लड़ सकती हैं।
वहीं, जब 12 दिसंबर 2012 को निर्भया के साथ दिल्ली में गैंगरेप की वीभत्स घटना हुई थी, तब वह दिल्ली हाईकोर्ट में प्रशिक्षण ले रही थीं। इस दौरान वह कई बार इस घटना के विरोध में हुए प्रदर्शनों में शामिल हुई थीं. इसके बाद उन्होंधने निर्भया के गुनहगारों को सजा दिलवाने का संकल्प लेते हुए केस लिया था. यह, सीमा के करियर का यह पहला केस था।