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बूस्टर डोज कब लगेगी, बच्चों की वैक्सीन कब आरम्भ होगी: कुंवर दानिश अली

बसपा के अमरोहा से सांसद कुंवर दानिश अली ने जामिआ मिल्लिया इस्लामिया को मेडिकल कॉलेज दिए जाने का भी लोकसभा में सरकार से मुतालबा किया संसद के शीतकालीन सत्र में कोविड पर हुई चर्चा में भाग लेते हुए खूबियों और खामियों की तरफ़ किया इशारा

By RNI Hindi Desk 
Updated Date

मुमताज़ आलम रिज़वी

नई दिल्ली : बेबाक मुस्लिम लीडर और अमरोहा लोकसभा हल्क़े से बसपा के सांसद कुंवर दानिश अली ने नियम 193 के अधीन कोविड महामारी पर चर्चा में भाग लिया और सरकार से सवाल किया कि आख़िर बूस्टर डोज़ कब लगेगी? बच्चों की वैक्सीन कब शुरू होगी? इसके साथ ही उन्होंने एक बार फिर मांग की है कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया को एक मेडिकल कॉलेज दिया जाए। शुरू में उन्होंने ने

कहा कि मैं सबसे पहले उन लोगों को जिन्होंने कोरोनाकाल में अपनी जान गंवाई, ऐसे हमारे कई साथी, इस सदन के साथी, केंद्र के मंत्री, दोनों सदनों के हमारे साथी, मेरे लोकसभा क्षेत्र के विधायक और मंत्री, ऐसे कई उत्तर प्रदेश के विधायक एवं मंत्री, देश के विभिन्न जनप्रतिनिधि और ख़ास तौर से फ्रंटलाइन वर्कर्स, जिन्होंने अपनी जान गंवा कर कोरोनाकाल में अपनी सेवाएं दी, मैं उन सबको इस सदन की तरफ श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।कुंवर दानिश अली ने कहा कि आज के माननीय स्वास्थ्य मंत्री जो पहले शिपिंग मिनिस्टर थे, मैं उनका भी धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने शिपिंग मिनिस्टर रहते हुए ऑक्सीजन सप्लाई में अहम् भूमिका निभाई। उसके लिए मैं उनके काम की सराहना करता हूं। सब जानते हैं कि कोरोना में किस तरीके की स्थितियां थीं। मैं स्वयं कोविड वार्ड में गया था। जब मैं कोविड वार्ड में जा रहा था तो मेरे जिला प्रशासन के लोग मुझसे कह रहे थे कि, अरे आप क्या कर रहे हैं। हमने उनसे कहा कि हम इनका हौसला बढ़ाने जा रहे हैं। इसके बाद बसपा सांसद ने मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि पूरे देश ने देखा कि किस तरीके से हम लोगों ने लापरवाही बरती। छोटे से राजनीतिक फायदे के लिए लोगों की जान को जोखिम में डाला। पूरे देश ने देखा कि जब बंगाल के अंदर चुनाव हो रहा था तो इस देश के माननीय प्रधान मंत्री जी जाकर रैलियां कर रहे थे।

उत्तर प्रदेश के अंदर पंचायत चुनाव कराया गया। सेकेंड वेव के पीक में पंचायत चुनाव हुआ। सैंकड़ों टीचर्स की ड्यूटी लगाई गई। उनके परिवार वालों ने उन्हें खो दिया। अभी उत्तर प्रदेश सरकार ने स्वीकार किया है कि जो ड्यूटी में मरे हैं, जिनकी जान गई है, उनको कंपनसेशन दिया जाएगा। लेकिन, जो सिर्फ ऑन ड्यूटी थे और जो 8 घंटे या 12 घंटे की ड्यूटी पर थे। लेकिन, जो वहां से कोविड लेकर गए और दो दिन बाद अपने घर पर जिनकी डेथ हुई या एक दिन बाद किसी अस्पताल में डेथ हुई तो उनको कंपनसेशन नहीं दिया जा रहा है।

दानिश अली ने कहा कि उत्तर प्रदेश शासन को अमरोहा के डिस्ट्रिक्ट अस्पताल के सीएमएस ने 11 अक्टूबर, 2021 को एक लेटर लिखा था कि अस्पताल के अंदर एक साल से इंसुलिन तक मौजूद नहीं है। दवाइयों की पूरी लिस्ट है, तीन लेटर्स लिखे गए हैं, 12 अक्टूबर, 2020, 5 फरवरी, 2021 और 11 अक्टूबर, 2021 को लेटर्स लिखे गए हैं, जिला अस्पताल में दवाइयां तक नहीं हैं।वेंटिलेटर्स आ गए, ऑक्सीजन प्लान्ट्स लग गए, लेकिन उनको चलाने के लिए स्किल्ड टेक्निशियन स्टॉफ की अति आवश्यकता है, अस्पतालों के अंदर डॉक्टर्स की अति आवश्यकता है। मैं एक और बात कहना चाहूंगा, क्योंकि मैं पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आता हूं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली मिलाजुला है। मैं आपको बताऊं कि साउथ ईस्ट दिल्ली में बड़े-बड़े प्राइवेट अस्पताल्स हैं। अपोलो, एस्कार्ट्स, फॉर्टिस और दुनिया भर के अस्पताल्स हैं, लेकिन वहां पर कोई सरकारी अस्पताल नहीं है। मैं आपसे यह गुजारिश करूंगा कि वेस्टर्न यूपी, नोएडा और दिल्ली के इस इलाके और इसकी आबादी को ध्यान में रखते हुए, जामिया मिलिया इस्लामिया के लिए एक मेडिकल कॉलेज की बहुत पुरानी डिमांड है, आप यहां पर जामिया मिलिया इस्लामिया को एक मेडिकल कॉलेज स्वीकृत करने का वादा कीजिए। मैंने इसके लिए आदरणीय प्रधानमंत्री जी को भी चिट्ठी लिखी है। मैं यह मांग करता हूं कि जामिया मिलिया इस्लामिया को एक मेडिकल कॉलेज दिया जाए। आप यह भी बताइए कि बूस्टर डोज कब लगेगी और बच्चों की वैक्सीन कब स्टार्ट होगी?

 

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