देश का हृदय प्रदेश मध्यप्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में नए आत्मविश्वास, नई ऊर्जा और दूरदर्शी दृष्टिकोण के साथ वैश्विक मंच पर अपनी सशक्त पहचान बना रहा है। प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध ऐतिहासिक विरासत, गहन आध्यात्मिक आस्था और विविध वन्यजीवों के अद्भुत संगम के कारण प्रदेश आज राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय निवेशकों और पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन चुका है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 21 जनवरी को World Economic Forum-2026 के दौरान दावोस में पर्यटन क्षेत्र में निवेश पर केंद्रित सत्र को संबोधित करेंगे। इस सत्र में मुख्यमंत्री प्रदेश की पर्यटन क्षमता, निवेश-अनुकूल नीतियों और भविष्य की योजनाओं को वैश्विक निवेशकों के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के “विकास भी, विरासत भी” के दूरदर्शी दृष्टिकोण से प्रेरित होकर मध्यप्रदेश ने पर्यटन को समावेशी और सतत विकास का सशक्त माध्यम बनाया है। इसी का परिणाम है कि हाल के वर्षों में प्रदेश में 13.30 करोड़ से अधिक पर्यटकों का आगमन दर्ज किया गया है, जो मध्यप्रदेश के प्रति बढ़ते राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विश्वास को दर्शाता है।
आध्यात्मिक पर्यटन मध्यप्रदेश की एक प्रमुख पहचान के रूप में उभरा है। श्री महाकालेश्वर मंदिर में अब तक 6.5 करोड़ से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। इसके अलावा खजुराहो, सांची, ओरछा, महेश्वर, अमरकंटक और चित्रकूट जैसे ऐतिहासिक व धार्मिक स्थल देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं।
राज्य सरकार द्वारा लागू पर्यटन नीति-2025 और फिल्म पर्यटन नीति-2025 के माध्यम से निवेश प्रोत्साहन, रोजगार सृजन और सतत पर्यटन विकास को नई दिशा दी गई है। फिल्म पर्यटन नीति के तहत मध्यप्रदेश राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माण के लिए पसंदीदा गंतव्य के रूप में उभर रहा है, जिससे स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
ग्रामीण पर्यटन को सशक्त बनाने के उद्देश्य से प्रदेश के 81 गांवों में 370 से अधिक होमस्टे विकसित किए जा चुके हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य इन्हें 1000 होमस्टे तक विस्तारित करना है, ताकि पर्यटन का लाभ सीधे ग्रामीण समुदायों तक पहुंचे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।
पर्यटन अवसंरचना को मजबूत करने के लिए पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा के अंतर्गत भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, ग्वालियर, रीवा, सिंगरौली और खजुराहो को हवाई संपर्क से जोड़ा गया है। वहीं पीएमश्री पर्यटन हेली सेवा के माध्यम से पर्यटकों को तेज़, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। दावोस में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का संबोधन मध्यप्रदेश को वैश्विक पर्यटन निवेश मानचित्र पर और मजबूत करेगा। विरासत, प्रकृति, आध्यात्म और आधुनिक अवसंरचना के संतुलन के साथ मध्यप्रदेश आज सतत पर्यटन विकास और निवेश के लिए एक भरोसेमंद गंतव्य के रूप में उभर रहा है।