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वन्य जीव केन्द्र में विजिटर्स को मिलेगा इंटरनेशनल एक्सपीरियंस: CM डॉ. मोहन

उज्जैन में 500 हेक्टेयर में बनेगा वन्य जीव केन्द्र सह रेस्क्यू सेंटर...

By: Abhinav Tiwari 
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वन्य जीव केन्द्र में विजिटर्स को मिलेगा इंटरनेशनल एक्सपीरियंस: CM डॉ. मोहन

डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश में पर्यटन, विशेषकर वन्य पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में उज्जैन और जबलपुर में वन्य जीव केन्द्र सह रेस्क्यू सेंटर का निर्माण किया जा रहा है। इन दोनों शहरों में सेंटर्स के लिए कंसल्टेंट नियुक्त किए जा चुके हैं और बहुत जल्द प्रदेश को दो नए अत्याधुनिक वन्य जीव केन्द्र मिलने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को समत्व भवन में उज्जैन के वन्य जीव केन्द्र सह रेस्क्यू सेंटर के संबंध में आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे।

वनतारा की तर्ज पर होगा जंगल चिड़ियाघर सफारी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन के लिए नियुक्त कंसल्टेंट फर्म को निर्देश दिए कि यहां वनतारा की तर्ज पर जंगल चिड़ियाघर सफारी (वाइल्ड लाइफ सेंटर कम इंडियन जू कम रेस्क्यू सेंटर) विकसित किया जाए। यह ऐसा केन्द्र होगा, जहां विजिटर्स को एक ही स्थान पर दुनिया के अलग-अलग जंगलों का संपूर्ण अनुभव मिल सके। उन्होंने कहा कि यह वन्य जीव केन्द्र लगभग 500 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किया जाए।

ईको टूरिज्म पार्क भी होगा शामिल

मुख्यमंत्री ने बताया कि उज्जैन में पहले से विकसित 50 हेक्टेयर क्षेत्र का ईको टूरिज्म पार्क भी इस प्रस्तावित वन्य जीव केन्द्र का हिस्सा बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह केन्द्र अन्य वन्य जीव केन्द्रों से अलग और विशिष्ट होना चाहिए, जहां वन और वन्य प्राणियों की विविधता विशेष आकर्षण का केंद्र बने।

2026 से शुरू होगा निर्माण, फॉरेस्ट टूरिज्म को मिलेगी पहचान

डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वर्ष 2026 में इस वन्य जीव केन्द्र के फेज-1 का निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाए और इसे शीघ्र पूरा किया जाए। इससे उज्जैन को सफारी एक्सपीरियंस के साथ एक बेहतरीन फॉरेस्ट टूरिज्म स्पॉट के रूप में नई पहचान मिलेगी।

दिन-रात दोनों समय मिलेगा भ्रमण का अवसर

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इस केन्द्र में देशी और विदेशी दोनों प्रकार के वन्य प्राणी शामिल हों। इसे इस तरह डिजाइन किया जाए कि विजिटर्स दिन और रात दोनों समय यहां भ्रमण का आनंद ले सकें। उन्होंने कहा कि इस परियोजना को टूरिज्म डिपार्टमेंट के सहयोग से एक भव्य और आकर्षक केन्द्र के रूप में विकसित किया जाए।

11 जंगलों का अनुभव, 6 चरणों में होगा निर्माण

बैठक में कंसल्टेंट फर्म के पदाधिकारियों ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से जानकारी दी कि लगभग 500 हेक्टेयर क्षेत्र में विजिटर्स को देश-दुनिया के 11 अलग-अलग जंगलों का अनुभव कराया जाएगा। वर्ष 2026 में सेंटर फॉर्मेशन का पहला चरण शुरू होगा और वर्ष 2027 के अंत तक इसे पूरा कर लिया जाएगा। पूरे वन्य जीव केन्द्र का निर्माण कुल 6 चरणों में किया जाएगा।

खुला जंगल, अदृश्य बाड़ और 300 से अधिक प्रजातियां

कंसल्टेंट्स ने बताया कि केन्द्र में अदृश्य बाड़ के साथ खुला जंगल विकसित किया जाएगा, जहां विजिटर्स पैदल, बग्घी, सफारी और सेवा वाहन से भ्रमण कर सकेंगे। यहां 300 से अधिक देशी-विदेशी प्रजातियों के जंगली जानवर होंगे, जिनमें 75 प्रतिशत देशी और 25 प्रतिशत विदेशी प्रजातियां शामिल होंगी। इसके साथ ही एक आधुनिक रेस्क्यू सेंटर भी स्थापित किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि विश्व में पहली बार उज्जैन में विजिटर्स को असली जंगल चिड़ियाघर सफारी का अनोखा अनुभव मिलेगा।

बैठक में ये अधिकारी रहे उपस्थित

इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर मुख्य सचिव वन अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) नीरज मंडलोई, पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ शुभरंजन सेन, सीसीएफ कृष्णमूर्ति सहित गुजरात के वनतारा जू से आए अधिकारी और कंसल्टेंट फर्म के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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