खतरनाक हुई उत्तर प्रदेश की हवा, धूल कणों की संख्या सामान्य से सात गुना अधिक
उत्तर प्रदेश में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। हवा दूषित हो गई हैं। धुंध छाई हुई है। लोगों को सांस लेने में दिक्कत आ रही है। वहीं, प्रदूषण की वजह से आखों में जलन की समस्या भी झेलनी पड़ रही है। प्रदूषण बढ़ने की वजह से वायु गुणवत्ता बिगड़ती जा रही है।
प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, लखनऊ में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 291 (खराब श्रेणी) पर है।
अलीगढ़ में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 509 (खतरनाक) पर पहुंच गया। गाजियाबाद के लोनी इलाके में गुरुवार सुबह (AQI) 635 तक पहुंच गया।
देश में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए केंद्र सरकार द्वारा लाए गए अध्यादेश को लागू किया गया था। इसके बाद भी वायु प्रदूषण में कोई कमी नहीं दिख रही है। उत्तर भारतीय राज्यों में हवा की गुणवत्ता लगातार दूषित हो रही है।
उत्तर प्रदेश, हरियाणा सहित कई राज्यों में प्रदूषण् से लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है। लोगों ने आंखों में जलन की महसूस की है। कई जगह प्रदूषण से विजिबिलिटी कम होती जा रही है। प्रदूषण बढ़ने से ज्यादातर राज्यों में हवा की गुणवत्ता खराब हो चुकी है।
लखनऊ में एक व्यक्ति ने बताया, प्रदूषण बढ़ने से आंखों में जलन होने लगी है। सरकार को प्रदूषण कम करने के लिए पानी का छिड़काव करना चाहिए।
बता दें, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, लखनऊ में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 291 पर है, जो कि ‘खराब’ श्रेणी में आता है। गुरुवार सुबह अलीगढ़ में धुंध की चादर छा गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार अलीगढ़ क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 509 पर आ गया।
यहां रहने वाले एक व्यक्ति ने कहा, ‘शहर में इतना स्मॉग है कि कल शाम भी चांद साफ दिखाई नहीं दे रहा था।’