कोलकाता पुलिस ने कटनी निवासी विधायक संजय पाठक की पारिवारिक कंपनियों से कथित 1000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में आरोपी महेंद्र गोयनका को कोर्ट में पेश किया। दस दिन की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद जांच एजेंसी ने मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की गहन जांच के लिए अतिरिक्त रिमांड की मांग की। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद महेंद्र गोयनका को चार दिन की और पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
पुलिस अब कंपनी के स्वामित्व, वित्तीय गतिविधियों और कथित अनियमितताओं से जुड़े मामलों की जांच को आगे बढ़ाएगी। जांच के दायरे में कंपनी के वित्तीय रिकॉर्ड, बैंकिंग लेन-देन, संपत्ति से संबंधित दस्तावेज और कथित रूप से तैयार किए गए दस्तावेजों की पड़ताल शामिल है। पुलिस का कहना है कि मामले की सभी कड़ियों को जोड़ने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, अब तक हुई पूछताछ और जांच में मिले दस्तावेजों के आधार पर पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली हैं। जांच एजेंसी का मानना है कि कंपनी के नियंत्रण, लेन-देन और दस्तावेजों में कथित बदलाव से जुड़े तथ्यों की पुष्टि के लिए आरोपी से और पूछताछ जरूरी है।

मामले में कंपनी पर कथित अवैध नियंत्रण, वित्तीय लेन-देन में गड़बड़ी, धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेजों के इस्तेमाल जैसे आरोपों की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि निष्पक्ष जांच के लिए सभी संबंधित व्यक्तियों, दस्तावेजों और वित्तीय गतिविधियों की गहन समीक्षा की जाएगी।
अतिरिक्त रिमांड मिलने के बाद जांच एजेंसी अब मामले से जुड़े सभी पहलुओं की विस्तृत पड़ताल करेगी। पुलिस का उद्देश्य कथित वित्तीय अनियमितताओं और कंपनी से संबंधित विवादों की पूरी सच्चाई सामने लाना है।