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काशी के धार्मिक पर्यटन से जुड़ेगी अयोध्या, गूगल मैप पर भी लाने की तैयारी

By: RNI Hindi Desk 
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काशी के धार्मिक पर्यटन से जुड़ेगी अयोध्या, गूगल मैप पर भी लाने की तैयारी

काशी के धार्मिक पर्यटन से अयोध्या भी जुड़ेगी। राममंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन के बाद पर्यटन विभाग ने अयोध्या को धार्मिक पर्यटन वाले शहरों के साथ गूगल मैप पर लाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए विभिन्न काशी, प्रयागराज, शृंगेरपुर, चित्रकूट और अयोध्या के बीच आने वाले सभी राजमार्गों को जोड़कर एक लिंक मार्ग के जरिए धार्मिक सर्किट बनाने का रोडमैप तैयार हो रहा है। 

पर्यटन राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी इस सम्बंध में अगले हफ्ते तक पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई और पर्यटन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। जिसमें इन सभी धार्मिक शहरों को एक दूसरे से जोड़कर श्रद्धालुओं के आवागमन को सरल और आकर्षक बनाने पर रणनीति बनेगी। राज्यमंत्री ने बताया कि अयोध्या और काशी के बीच ऐतिहासिक और धार्मिक जुड़ाव है। बाबा की नगरी से रामलला की धरती तक श्रद्धालुओं को पहुंचाने के लिए जल्द ही धार्मिक सर्किट परियोजना लायी जाएगी। 

नीलकंठ ने बताया कि अयोध्या सर्किट के विकास पर जल्द काम शुरू होगा। दोनों शहरों में धार्मक पर्यटन की अपार संभावनाएं। यहां धार्मिक पर्यटन के जरिए लोगों के आर्थिक जीवन सुधारने के लिए सरकार जल्द और कुछ नयी परियोजना लाने की तैयारी में है। 

काशी-अयोध्या के बीच फोरलेन की फाइल मंत्रालय में अटकी

काशी-अयोध्या के बीच प्रस्तावित फोरलेन निर्माण का कार्य अभी भूतल परिवहन मंत्रालय में अटका है। पिछले वर्ष नवम्बर में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने परियोजना का इस्टीमेट तैयार किया था। जिसके तहत  बनारस, जौनपुर, अम्बेडकर व अयोध्या के बीच 192 किमी मार्ग बनाया जाना प्रस्तावित था। इस पर करीब 3000 करोड़ रुपये का खर्च आना है। 

एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर एसबी सिंह ने बताया कि वाराणसी की आउटर रिंग रोड के एक गांव से शुरू होकर जौनपुर के केराकत, थाना गद्दी, शाहगंज होते हुए अयोध्या तक के हाई-वे का निर्माण होना है। राजमार्ग में एक बड़ा पुल, चार छोटे पुल, दो फ्लाइओवर और करीब 30 अंडरपास के लिए सर्वे होगा। इस नए हाईवे से अयोध्या में चौरासी कोस की परिक्रमा, सूर्य कुंड, राजा दशरथ का समाधि स्थल व सरयू के पावन घाट का रास्ता सुगम होगा। एसबी सिंह ने बताया कि अम्बेडकर नगर से अयोध्या के बीच डीपीआर के लिए सर्वे का काम शुरू है। लेकिन अम्बेडकर से वाराणसी के बीच अभी तक मंत्रालय से कोई निर्देश नहीं मिलने से मामला लटका है। लेकिन अयोध्या में राम मंदिर के लिए भूमि पूजन के बाद उम्मीद जगी है।

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