राम मंदिर का भूमि पूजन होने के बाद विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) अब मंदिर निर्माण के लिए चंदा एकत्र करने के काम में जुटेगी। विहिप की मंशा यह है कि चंदा जुटाने के साथ ही वह हिन्दू समाज के सभी वर्गों, जातियों को एकजुट करने के अपने संकल्प को भी पूरा करेगी। विहिप ने पहले चरण में चार लाख गांवों के 10 करोड़ परिवारों तक पहुंचकर 10 रुपए से लेकर 100 रुपए तक चंदा लेने का लक्ष्य निर्धारित किया है। चंदा जुटाने के काम में विहिप वे अपने कार्यकर्ताओं, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के स्वयंसेवकों समेत भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं का भी सहयोग लेगी।
हालांकि, विहिप ने चंदा जमा करने के लिए स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया का एकाउन्ट नम्बर दिया है। ये दान ‘श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र’ स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया, नया घाट रोड शाखा, अयोध्या खाता नम्बर SB A/C 39161495808 IFSC CODE SBIN0002510 में दिया जा रहा है। इस एकाउंट में अभी तक 20 करोड़ रुपए इकट्ठा हो चुके हैं। मंदिर निर्माण के लिए विहिप को एक बड़ी रकम की जरूरत है। इसलिए वह सभी वर्गों को जोड़ने के लक्ष्य को लेकर चंदा इकट्ठा करने के खुद लोगों के पास पहुंचेगी।
विहिप के कार्याध्यक्ष कहते हैं कि वैसे तो कई उद्योगपतियों ने मंदिर का खर्चा खुद वहन करने का प्रस्ताव दिया है। लेकिन संगठन किसी उद्योगपति का नहीं बल्कि मंदिर निर्माण में राम का ही नाम आगे रखेगा। उन्होंने कहा कि प्रवासी भारतीयों से भी चंदा लिया जाएगा। इसके लिए सरकारी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
चंदे के सहारे दलितों और जनजातियों का उत्थान
विहिप चंदे को माध्यम बनाकर सभी वर्गों खासतौर से दलित और अनुसूचित जनजातियों के लोगों तक सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को लेकर पहुंचेगी। विहिप के कार्याध्यक्ष आलोक कुमार बताते हैं कि अभी तक संगठन ने राममंदिर निर्माण को लेकर अभियान चलाया। अब राममंदिर निर्माण तो शुरू हो जाएगा। तीन साल में मंदिर निर्माण होने के दौरान संगठन जाति पांत की दीवारें तोड़ने का अभियान चलाएगा। इस अभियान के तहत अनुसूचित जाति व जनजातियों के साथ ही महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए काम किए जाएंगे।