गणतंत्र दिवस के मौके पर देश की राजधानी दिल्ली में किसान आंदोलन के दौरान जमकर बवाल हुआ। हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी ट्रैक्टरों के साथ दिल्ली में घुसे, कई जगहों पर पुलिस के साथ भिड़ंत हुई साथ ही कई जगह के बेरिकेडिंग तोड़ कर दिल्ली के अंदर घुसे और ITO, लालकिले जैसे इलाके में जमकर बवाल भी हुआ।
प्रदर्शनकारियों ने लालकिले पर जाकर निशान साहिब का झंडा भी फहराया। कल जो कुछ भी हुआ उसके बाद सरकार एक्शन मोड में आकर दिल्ली के कुछ हिस्सों में इंटरनेट बंद है, पुलिस दोषियों को ढूंढने में लगी है।
दिल्ली में हुई हिंसा को लेकर बसपा प्रमुख मायावती ने ट्वीट किया है और इसकी निंदा की है। मायावती ने अपने ट्वीट में कहा देश की राजधानी दिल्ली में कल गणतंत्र दिवस के दिन किसानों की हुई ट्रैक्टर रैली के दौरान जो कुछ भी हुआ, वह कतई भी नहीं होना चाहिए था। यह अति-दुर्भाग्यपूर्ण तथा केन्द्र की सरकार को भी इसे अति-गंभीरता से ज़रूर लेना चाहिए।
2. साथ ही, बी.एस.पी. की केन्द्र सरकार से पुनः यह अपील है कि वह तीनों कृषि कानूनों को अविलम्ब वापिस लेकर किसानों के लम्बे अरसे से चल रहे आन्दोलन को खत्म करे ताकि आगे फिर से ऐसी कोई अनहोनी घटना कहीं भी न हो सके। 2/2
— Mayawati (@Mayawati) January 27, 2021
उन्होंने अपने ट्वीट में आगे कहा कि साथ ही, बी.एस.पी. की केन्द्र सरकार से पुनः यह अपील है कि वह तीनों कृषि कानूनों को अविलम्ब वापिस लेकर किसानों के लम्बे अरसे से चल रहे आन्दोलन को खत्म करे ताकि आगे फिर से ऐसी कोई अनहोनी घटना कहीं भी न हो सके।
बतादें कि केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ धरने पर बैठे किसानों ने गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में ट्रैक्टर रैली की इजाजत मांगी थी। किसानों को तय रूट पर रैली की इजाजत दी गई, लेकिन किसानों ने दिल्ली में घुसकर जमकर उत्पात मचाया।
किसानों ने आईटीओ, नांगलोई, अक्षरधाम के पास हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस और किसानों के बीच झड़प हुई जिसमें 86 पुलिसकर्मी घायल हुए। इसके अलावा एक प्रदर्शनकारी की मौत भी हुई है। हिंसा को लेकर सात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
इस ही के साथ आप को बता दें कि किसान आंदोलन के बीच हुए दिल्ली में तांडव के बाद सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी की बैठक रद्द हो गई है। अब कमेटी की बैठक 29 जनवरी को होगी, इसमें कमेटी किसान संगठनों ने कृषि कानून को लेकर चर्चा करेगी।
वहीं, दिल्ली में ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा के बाद सीआरपीएफ की 15 कंपनियां तैनात की गई है। फिलहाल स्थिति काबू में है। सुरक्षा बलों ने देर रात प्रदर्शनकारियों से लाल किला खाली करा लिया है।