कोरोना संक्रमण के चलते प्रदेश में इस साल शिक्षक पात्रता परीक्षा-2020 का आयोजन नहीं कराया जाएगा। परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव की ओर से शासन को टीईटी कराने का प्रस्ताव दिया गया था।
लेकिन शासन ने इस पर कोई निर्णय नहीं लिया है।
परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय की ओर से करीब दो महीने पहले प्रदेश में इस वर्ष टीईटी-2020 कराने का प्रस्ताव शासन को दिया गया था।
लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते शासन ने इस पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया है। विभाग के अधिकारी ने बताया कि टीईटी में करीब पंद्रह लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल होते हैं। कोरोना संक्रमण के बीच इतनी बड़ी परीक्षा का आयोजित कराना चुनौतीपूर्ण कार्य है।
अभ्यर्थियों के परीक्षा केंद्र पहुंचने, परीक्षा केंद्रों पर सोशल डिस्टेंसिंग के साथ बैठने की व्यवस्था सहित अन्य संक्रमण से बचाव की व्यवस्था करना मुश्किल भरा काम है। लिहाजा शासन फिलहाल टीईटी कराने के पक्ष में नहीं है।
परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी का कहना है कि शासन ने टीईटी कराने पर निर्णय नहीं किया है। टीईटी कराने के लिए कम से कम तीन महीने का समय आवश्यक है।
उनका कहना है कि 2020 में टीईटी कराना संभव नहीं है, 2020 की टीईटी को शासन की मंजूरी मिलने पर अगले वर्ष 2021 में शास आयोजित कराया जाएगा।