एक तरफ जहां बढ़ रहे प्रर्यावरण प्रदूषण को रोकने के लिए एन जी टी और सुप्रीम कोर्ट ने देश और प्रदेश सरकार को कड़े निर्देश दिए हैं लेकिन वहीं दूसरी तरफ कोर्ट के आदेशों की ग्लू भट्टियां धज्जियां उड़ाती नजर आ रही है।
देश के प्रधानमंत्री और सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ प्रर्यावरण प्रदूषण को रोकने के लिए आये दिन आलाधिकारियों को आदेश देते नजर आ रहे हैं उन्नाव जनपद में खुलेआम जहर घोल रहीं बिना बोर्ड के ग्लू भट्टियां एन जी टी और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की धज्जियां उड़ाती नजर आ रहीं हैं। प्रर्यावरण प्रदूषण की विकराल समस्या को रोकने में उन्नाव जनपद हो रहा फेल।
आपको बता दे कि, उन्नाव जनपद में इन्डस्ट्रियल एरिया यानी फैक्ट्रियां लगाने के लिए केवल दही चौकी और बंथर को ही निश्चित किया गया है इसके अलावा कहीं भी उन्नाव जनपद में चमड़े की फैक्ट्रियां नहीं लगाई जा सकतीं। लेकिन इसके बाद भी अधिकारियों की मिली भगत से उन्नाव जनपद के सहजनी से लेकर कोतवाली गंगाघाट क्षेत्र के त्रिभुवनखेड़ा में सैकड़ों की तादात में बिना बोर्ड के चमड़े की ग्लू भट्टियां धधक रही हैं, जिसे किसी भी समय देखा जा सकता है।
इससे यहां के लोगों को जीना दुस्वार हो गया है, खुलेआम प्रर्यावरण में जहर घुल रही है, जिसके चलते यहां निवास कर रहे लोग भयंकर बिमारियों के शिकार होते जा रहा हैं। लेकिन जिले के जिम्मेदार अधिकारी कार्यवाही करने की बात कह कर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं और कार्यवाही करना उचित नहीं समझ रहे हैं। जबकि कुछ दिन पहले त्रिभुवन खेड़ा में एक ग्लू भट्ठी का ब्यालर फटने से दो मजदूरों की हुई थी। दर्दनाक मौत उसके बाद भी जिला प्रशासन की नींद नहीं खुली।