मध्य प्रदेश के धार्मिक शहर उज्जैन में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत एक ऐतिहासिक और भव्य आयोजन होने जा रहा है। आगामी 17 सितंबर को शाम 7 बजे शिप्रा नदी के विभिन्न घाटों और विश्व प्रसिद्ध ‘श्री महाकाल महालोक’ कॉरिडोर क्षेत्र में एक साथ 25 लाख से अधिक दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। इस राष्ट्रीय स्तर के जनभागीदारी कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उज्जैन के नाम एक नया विश्व रिकॉर्ड दर्ज कराना है, जिसकी तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
तैयारियों का जायजा लेने के लिए कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह ने सिंहस्थ मेला कार्यालय के सभागार में अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा, एडीएम अत्येंद्र सिंह राठौर, जिला पंचायत सीईओ श्रेयांस कूमट, अपर कलेक्टर प्रथम कौशिक और स्मार्ट सिटी सीईओ नेहा जैन सहित कई प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे। व्यवस्थाओं को पुख्ता करने के लिए 16 सितंबर को दोपहर 12 बजे दीपोत्सव का फाइनल ट्रायल आयोजित किया जाएगा, ताकि दीप प्रज्वलन से जुड़ी किसी भी कमी को समय रहते दूर किया जा सके। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सभी वॉलिंटियर्स को समय पर आईडी कार्ड दिए जाएं और आवश्यक सामग्रियां समय से घाटों पर पहुंचाई जाएं। बारिश की संभावना को देखते हुए वाटरप्रूफ शीट का भी इंतजाम किया गया है।
कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने अधिकारियों और सुपरवाइजर्स को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि इस आयोजन को किसी बड़े प्रशासनिक चुनाव की तरह गंभीरता से लिया जाए। हर एक वॉलिंटियर को दीप जलाने की प्रक्रिया—जैसे बाती लगाना, तेल डालना और सही समय पर दीये प्रज्वलित करना—की पूरी जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि आयोजन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसी भी तरह के संदेह को समय रहते दूर करने पर जोर दिया गया है ताकि भव्यता में कोई कमी न आए।
इस विशाल आयोजन को सुचारू रूप से चलाने के लिए शिप्रा तट और महाकाल महालोक क्षेत्र को 7 प्रमुख सेक्टरों और 250 सब-सेक्टरों में बांटा गया है।