मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले की बड़वानी तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम रेहगुन से एक गंभीर मामला सामने आया है। गांव के ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई के दौरान जिला प्रशासन को आवेदन सौंपकर श्मशान घाट की शासकीय जमीन पर अवैध अतिक्रमण करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी द्वारा रास्ता बंद किए जाने के कारण अंतिम संस्कार करने और उसके बाद के संस्कारों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जनसुनवाई में अपनी शिकायत दर्ज कराते हुए ग्राम रेहगुन के ग्रामीणों ने बताया कि गांव के पास शासकीय नाले की भूमि पर श्मशान घाट बना हुआ है। परंपरा के अनुसार, पूरा गांव शवदाह के बाद और दशक्रिया या ग्यारहवें जैसे धार्मिक कार्यक्रमों के पश्चात वहीं स्नान करने जाता है, और वहां तक आने-जाने का यही एकमात्र मुख्य रास्ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के ही रहने वाले नकलीया पिता नरसिंग ने श्मशान की इस शासकीय जमीन पर अवैध रूप से पक्का मकान बना लिया है। इसके अलावा, वह श्मशान परिसर में किसी भी तरह के कार्यक्रम करने से रोकता है और विरोध करने पर गाली-गलौज, झगड़ा व मारपीट पर उतारू हो जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के सरपंच, पंचों और गणमान्य लोगों द्वारा समझाने के बावजूद आरोपी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है।

अपनी समस्याओं को लेकर बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे महिला, पुरुष और बुजुर्गों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, शासकीय भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाया जाए और श्मशान घाट तक आने-जाने वाले रास्ते को पूरी तरह से सुचारू किया जाए ताकि अंतिम संस्कार के समय किसी प्रकार की बाधा न आए।