रिपोर्ट: नंदनी तोदी
प्रयागराज: यूपी में पुलिस थाने के बाहर उन सभी अपराधियों की लिस्ट लगी रहती है जिसकी पुलिस को तलाश रहता है। लेकिन अब इलाहाबाद हाई कोर्ट की फटकार के बाद ये लिस्ट थानों के बाहर नहीं दिखेगी। दरअसल, ये याचिका जीशान उर्फ जानू, बलवीर सिंह यादव और दूधनाथ सिंह की ओर से दाखिल की गई जिसके बाद जस्टिस पंकज नकवी और जस्टिस विवेक अग्रवाल की पीठ ने निर्देश दिया है। इन याचिकाकर्ताओं के नाम टॉप-10 अपराधियों की लिस्ट में प्रयागराज और कानपुर में थानों के बाहर सार्वजनिक रूप से लगाए गए हैं। और इन्ही याचिकाकर्ताओं ने इस लिस्ट पर आपत्ति जताते हुए कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
अपना फैसला सुनते हुए कोर्ट ने कहा कि ये संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लघंन है। हालांकि कोर्ट ने निगरानी के लिए अपराधियों की सूची तैयार करने को गलत नहीं माना है। आपको बता दें कि इन लिस्ट में अपराधियों के नाम और पहचान के साथ ही उनके आपराधिक इतिहास के बारें में भी जानकारी है।
कोर्ट ने इसके लिए डीजीपी को सभी थानों के लिए सर्कुलर जारी करने का भी निर्देश दिया है। कोर्ट का मानना है कि थानों के बाहर अपराधियों के बारे में सूचनाएं सार्वजनिक तौर पर प्रदर्शित करना अनावश्यक है। कोर्ट ने कहा ऐसा करना मानवीय गरिमा के विपरीत है।