रिपोर्ट- पल्लवी त्रिपाठी
नई दिल्ली : दुनियाभर में कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ता ही जा रहा है । ऐसे में डॉक्टर अपने घर- परिवार को छोड़कर दिन रात अस्पतालों में सेवाएं दे रहे हैं । इस बीच गूगल ने आज रूस की पहली महिला मिलिट्री सर्जन डॉ. वेरा गेड्रोइट्स पर आधारित डूडल बनाकर उन्हें याद किया है ।
बता दें कि आज यानी19 अप्रैल को डॉ. वेरा गेड्रोइट्स का 151वां जन्मदिन है । डॉ. वेरा गेड्रोइट्स को न केवल रूस की बल्कि दुनिया की पहली महिला सर्जन प्रोफेसर के तौर पर भी जाना जाता है। वेरा गेड्रोइट्स ने सर्जन के अलावा एक प्रोफेसर, कवि और लेखिका के तौर पर भी लोगों को सेवाएं दी हैं । वेरा गेड्रोइट्स ने महिला मिलिट्री सर्जन के तौर पर युद्ध चिकित्सा के क्षेत्र में अनगिनत जवानों की जान बचाई है । उनके योगदान को आज याद किया जा रहा है।
भाई की मौत के गम ने बनाया डॉक्टर
डॉ.वेरा इग्नाटिवेना गेड्रोइट्स जन्म 19 अप्रैल को 1870 को कीव के लिथुआनियाई शाही वंश में हुआ था। उस समय वो रूसी साम्राज्य का हिस्सा था। डॉ.गेड्रोइट्स के पांच भाई बहन थे, जिनमें से एक भाई सर्गेई से उनका खूब लगाव था, लेकिन किसी बीमारी के चलते युवा अवस्था में ही उसकी मौत हो गई। फिर क्या वेरा ने डॉक्टर बनने की ठान ली । जिससे लोगों की जान बचा सके ।
वेरा ने इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए स्विट्जरलैंड में पढ़ाई की । डॉक्टर बनकर 20वीं शताब्दी के अंत में वह वापस लौटकर अपने देश रूस आई । जिसके बाद उन्होंने मिलिट्री अस्पताल में सर्जन के तौर पर अपना मेडिकल करियर शुरू किया और लोगों को सेवाएं देने लगी ।
साल 1904 में जब रूस और जापानी के बीच युद्ध चल रहा था, उस दौरान डॉ. गेड्रोइट्स ने दुश्मनों के खतरे के बीच बहादुरी के साथ परिवर्तित रेलवे कार में स्थापित नीति के खिलाफ पेट की सर्जरी की । उन्हें सफलता हासिल हुईं। डॉ. गेड्रोइट्स के इस ऑपरेशन के बाद रूसी सरकार ने उसे नए मानक के रूप अपनाया । साथ ही इससे युद्ध के मैदान की दवा के तरीके में बदलाव आया।
युद्धक्षेत्र में सेवा देने के बाद डॉ. गेड्रोइट्स ने रूसी शाही परिवार के लिए एक सर्जन के रूप में काम किया। साल 1929 में गेड्रोइट्स कीव विश्वविद्यालय में सर्जरी के प्रोफेसर के तौर पर नियुक्त हुईं।
मेडिकल प्रोफेसर के अलावा डॉ. गेड्रोइट्स ने रचनाएं भी की । उनकी कई कविता संग्रह व संस्मरण प्रकाशित हुए । सन् 1931 में डॉ. गेड्रोइट्स की बॉयोग्राफी ”लाइफ” प्रकाशित हुई, जिसमें उन्होंने अपनी व्यक्तिगत यात्रा की कहानी को बतायी है।