रिपोर्ट: गीतांजली लोहनी
सैन फ्रांसिस्को: चीन की शार्ट-विडियों मेकिंग एप्लीकेशन टिक-टॉक जिसको भारत में पूरी तरह से बैन कर दिया गया है, को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। दरअसल, कुछ समय पहले टिक टॉक एप पर अमेरिका में निजता के उल्लंघन को लेकर एक मुकदमा दर्ज हुआ था। जिसका निपटारा करने के लिए अब टिक-टॉक ने 9.2 करोड़ डॉलर का भुगतान करने पर अपनी सहमति व्यक्त करदी है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, प्राइवेसी को लेकर हुए इस मुकदमे में ये दावा किया गया है कि टिक टॉक अपने यूजर्स को ट्रैक करने के लिए ‘बेहद संवेदनशील व्यक्तिगत डेटाओं’ का कलेक्शन रखता है। जिसका उपयोग उनके काम में आने वाले या उनके क्लिक्स के आधारे पर विज्ञापन को दिखाने में मदद् मिलती है।
इस खबर को लेकर टिक टॉक के एक प्रवक्ता ने कहा कि,”हमारे ऊपर जिस तरह के आरोप लगे हैं, उनसे हम सहमत तो नहीं हैं, लेकिन हम एक लंबी कानूनी प्रक्रिया का सहारा लेने के बजाय टिकटॉक कम्युनिटी को एक सुरक्षित और खुशनुमा अनुभव दिलाने के अपने प्रयासों पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं।”
बता दें कि साल 2019 में टिक टॉक ने कथित बच्चों की प्राइवेसी के उल्लंघन के मामले में 11 लाख डॉलर के भुगतान का निपटारा किया था। ये भुगतान राशि सिर्फ एक मामले की थी, अब आप हिसाब लगा सकते है कि टिक टॉक पर 10 भी ऐसे मामलों का मुकदमा दर्ज हुआ होगा तो कंपनी को कितने का भुगतान करना पड़ा होगा। बावजूद इसके टिक टॉक कंपनी कानूनी प्रक्रिया से बचने के लिए बस भुगतान पर भुगतान कर मुकदमों का निपटारा कर रही है।