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मुश्किल हो सकती है इस साल की मानसरोवर यात्रा, चीन पर जीत हासिल करने की बनाई योजना, जानिये

By: RNI Hindi Desk 
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मुश्किल हो सकती है इस साल की मानसरोवर यात्रा, चीन पर जीत हासिल करने की बनाई योजना, जानिये

रिपोर्ट: नंदनी तोदी
पिथौरागढ़ : साल 2020 में कोरोना महामारी से न केवल बिज़नेस बल्कि धार्मिक यात्राओं पर भी गहरा असर पढ़ा है। पिछले साल कोरोना महामारी के चलते कई धार्मिक यात्राएं जिसमे विश्व प्रसिद्ध मानसरोवर भी शामिल है, भी नहीं आयोजित की गई।

इस साल चूँकि कोरोना के मामले थम नहीं रहे इसी वजह से इस साल भी मानसरोवर यात्रा पर असर पड़ सकता है। जिसके बाद कुमाऊं मंडल विकास निगम अब दूसरा प्लान तैयार करने लगा है। इस प्लान के तहत कैलाश की तर्ज पर आदि कैलाश यात्रा शुरू की जाएगी, जिससे भारत को चीन पर निर्भर न होना पड़े।

मन जाता है कि मानसरोवर की यात्रा कभी नहीं टली है, लेकिन चीन के आये कोरोना वायरस ने मानसरोवर जैसी यात्रा पर भी रोक लगा दी है। और ये असर इस साल भी देखने को मिल सकता है।

मानसरोवर की यात्रा को लेकर हर साल तैयारी जोरो शोरो से रहती है, लेकिन इस साल माहौल फीका है। इस बार न तो विदेश मंत्रालय स्तर पर और ना ही कुमाऊं मंडल विकास निगम ने यात्रा को लेकर कोई पहल की है।

कुमाऊं मंडल विकास निगम के अध्यक्ष केदार जोशी का कहना है कि उनकी पूरी कोशिश है कि इस साल आदि कैलाश यात्रा को व्यापर स्तर पर आयोजित किया जा सके। इस यात्रा के शुरू होने से जहां एक विश्व विख्यात धार्मिक पर्यटन का ट्रैक विकसित होगा, वहीं चीन और नेपाल से सटे इलाके को पहचान भी मिलेगी।

बता दें, कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील तिब्बत में है जिसकी वजह से यात्रा को लेकर भारत चीन पर निर्भर रहता है। इसी पर कमाऊं मंडल विकास ने नया प्लान बनाया है। इसमें आदि कैलाश का पूरा इलाका भारतीय सीमा में है। यही नहीं आदि कैलाश में कैलाश पर्वत के साथ ही पार्वती झील भी मौजूद है, जबकि ऊं पर्वत भी यही मौजूद है।

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