नई दिल्ली : जम्मू में एयरफोर्स स्टेशन पर ड्रोन हमले के अगले ही दिन आतंकियों ने एक बार फिर सैन्य ठिकाने को निशाना बनाने की कोशिश की है। लेकिन इस बार उनका टारगेट मिलिट्री स्टेशन था। जानकारी के मुताबिक, जम्मू के कालूचक मिलिट्री स्टेशन पर तड़के 3 बजे दो ड्रोन देखे गए। हालांकि, सेना अलर्ट पर थी और ड्रोन दिखते ही सेना ने उन पर 20 से 25 राउंड की फायरिंग कर दी।
रविवार रात तड़के करीब तीन बजे के आसपास कालूचक मिलिट्री स्टेशन के ऊपर ये ड्रोन देखे गए। इन्हें देखते ही सेना के जवानों ने 20 से 25 राउंड की फायरिंग कर दी। फायरिंग के बाद ड्रोन गायब हो गए। फिलहाल सेना सर्च ऑपरेशन चलाकर ड्रोन की तलाश कर रही है।

कल एयरबेस पर हुए थे दो धमाके
जम्मू एयरफोर्स स्टेशन पर रविवार देर रात दो धमाके हुए थे। पहला धमाका रात 1:37 बजे हुआ और दूसरा ठीक 5 मिनट बाद 1:42 बजे हुआ था। वायुसेना के मुताबिक, इन धमाकों की इंटेसिटी बहुत कम थी और पहला धमाका छत पर हुआ, इसलिए छत को नुकसान पहुंचा था, जबकि दूसरा धमाका खुली जगह पर हुआ था। धमाके में दो जवानों को भी मामूली चोटें आई थीं। ये पहली बार था जब आतंकियों ने ड्रोन के जरिए हमला किया था। इसकी जांच अब एनआईए कर रही है।
ड्रोन हमले में रिस्क कम
ड्रोन के जरिये हमले की ट्रेनिंग पर बहुत ज्यादा खर्च नहीं करना पड़ता। जमीनी हमलों के मुकाबले ड्रोन हमले को अंजाम देने में रिस्क भी कम है। ड्रोन बेहद कम ऊंचाई पर उड़ सकते हैं और कम ऊंचाई पर उड़ने की वजह से रडार की पकड़ में आने के चांस भी कम रहते हैं। ऐसे में इस आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता कि आगे भी आतंकी संगठन इनका इस्तेमाल करेंगे। इसलिए भारत को अब अपने सैन्य ठिकानों की सुरक्षा व्यवस्था को ड्रोन अटैक से नाकाम करने के लिए और ज्यादा अडवांस करना होगा।