Home उत्तर प्रदेश सरकारी धान क्रय केंद्रों पर धान बेचने के लिये किसानों को चबाने पड़ रहे लोहे के चने, 12 घंटे तक लाइन में लगने के बाद भी नहीं खरीदा जा रहा धान

सरकारी धान क्रय केंद्रों पर धान बेचने के लिये किसानों को चबाने पड़ रहे लोहे के चने, 12 घंटे तक लाइन में लगने के बाद भी नहीं खरीदा जा रहा धान

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सहारनपुर- देश के अन्नदाता किसान ने गर्मी- बरसात सहकर अपनी धान की फसल को तैयार किया है। लेकिन अब उसे सरकारी धान खरीद केंद्रों पर अपनी फसल को बेचने में भी लोहे के चने चबाने पड़ रहे हैं।

किसानों का आरोप है कि सरकारी खरीद केंद्रों पर उन्हें बेहद परेशान किया जा रहा है। धान में नमी, काला दाना, धूल आदि न जाने कितने कारण बताकर धान को रिजेक्ट कर उन्हें वापस भेज दिया जाता है।

भारतीय खाद्य निगम धान खरीद केंद्र नकुड़ पर अपने धान तुलवाने के लिए 12-12 घंटे से लाइन में लगे किसानों का कहना है कि खरीद केंद्र पर उन्हें बेहद परेशान किया जा रहा है।

धान की जांच इस प्रकार की जा रही है। जैसे वे धान नहीं अफीम बेच रहे हैं। अनुज नामक एक किसान का कहना है कि वह रात के 1:00 बजे से ट्रैक्टर ट्राली में अपने धान को लेकर खरीद केंद्र पर खड़े हुए हैं।

12 घंटे के बाद जब उनका धान तोलने का नंबर आया है तो खरीद केंद्र प्रभारी ने नमी ज्यादा बताकर उनका धान खरीदने से इंकार कर दिया है। उन्होंने बताया कि एक दिन पहले ही केंद्र प्रभारी ने उनके धान को खरीद के लिए बिल्कुल सही बताया था।

किसान का कहना है कि खरीद के नाम पर उन्हें परेशान किया जा रहा है। एक अन्य किसान अक्षय प्रधान का कहना है कि क्रय केंद्र पर किसानों को लूटने का काम किया जा रहा है।

किसानों से 1868 रुपये प्रति कुंतल धान खरीदा जा रहा है। उसमें से भी केंद्र प्रभारी 20 रुपये प्रति कुंतल काटने का काम कर रहे हैं। सरकार ने धान का रेट 1888 रुपए घोषित किया है। लेकिन क्रय केंद्रों पर किसानों को 1848 ही मिल रहा है।

कुछ किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि खरीद केंद्र पर एक किसान से केवल 10 से 15 कुंटल धान ही खरीदा जा रहा है। किसान के पास ज्यादा धान होने पर उसे 1 महीने बाद का समय दिया जा रहा है।

किसानों का कहना है कि 12-12 घंटे लाइन में लगकर भी जब धान नहीं खरीदा जा रहा है तो मजबूरी में किसान आढतियों के यहां पर घाटे से अपने धान को बेचने के लिए मजबूर है। किसानों का कहना है कि सरकार की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है।

उधर भारतीय खाद्य निगम धान खरीद केंद्र नकुड के प्रभारी का कहना है कि वह लगातार किसानों का धान खरीदने का काम कर रहे हैं।

उनका कहना है कि जिस धान का रेट 1888 रुपए सरकार ने तय किया है। वह धान आज तक क्रय केंद्र पर बिकने के लिए ही नहीं आया।

उनका कहना है कि नमी की वजह से कुछ किसानों का धान नहीं खरीदा जा रहा है। नमी समाप्त होते ही उनका भी धान खरीद लिया जाएगा।

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