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कोरोना महामारी का डेल्टा वेरिएंट ‘चेचक’ जितनी आसानी से फैल सकता है, गंभीर बीमारी के बन सकता है कारण

कोरोना महामारी देश और दुनिया में तबाही मचाने के साथ-साथ अपना रुप भी बदल रहा है। कोरोना महामारी का डेल्टा रुप सबसे खतरनाक बताया जा रहा है।

By RNI Hindi Desk 
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रिपोर्ट: सत्यम दुबे

नई दिल्ली: कोरोना महामारी देश और दुनिया में तबाही मचाने के साथ-साथ अपना रुप भी बदल रहा है। कोरोना महामारी का डेल्टा रुप सबसे खतरनाक बताया जा रहा है। अमेरिकी स्वास्थ्य प्राधिकार के एक दस्तावेज का हवाला देते हुए कहा गया है कि कोरोना का डेल्टा वेरिएंट बाकियों की तुलना में अधिक गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है। इसके साथ ही बताया गया कि यह चेचक की तरह आसानी से फैल सकता है।

आपको बता दें कि रिपोर्ट में कहा गया है कि रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) के दस्तावेज में अप्रकाशित आंकड़ों के आधार पर दिखाया गया है कि कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन की सभी खुराकें ले चुके लोग भी बिना टीकाकरण वाले लोगों जितना ही डेल्टा स्वरूप को फैला सकते हैं।

‘द वाशिंगटन पोस्ट’ ने इस दस्तावेज का हवाला देते हुए रिपोर्ट प्रकाशित की थी। CDC की निदेशक डॉ. रोशेल पी वालेंस्की ने माना कि टीका ले चुके लोगों की नाक और गले में वायरस की मौजूदगी उसी तरह रहती है जैसे कि टीका नहीं लेने वालों में।

इसके साथ ही रिपोर्ट में कहा गया है कि डेल्टा स्वरूप, ऐसे वायरस की तुलना में अधिक फैलता है जो मर्स, सार्स, इबोला, सामान्य सर्दी, मौसमी फ्लू का कारण बनता है और यह चेचक की तरह ही संक्रामक है। दस्तावेज के मुताबिक बी.1.617.2 यानी डेल्टा स्वरूप और गंभीर बीमारी पैदा कर सकता है।

वहीं ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने एक संघीय अधिकारी का हवाला देते हुए कहा कि दस्तावेज के निष्कर्ष ने डेल्टा स्वरूप को लेकर सीडीसी के वैज्ञानिकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। अधिकारी ने कहा, ‘‘सीडीसी डेल्टा स्वरूप को लेकर आंकड़ों से बहुत चिंतित है। यह स्वरूप गंभीर खतरे का कारण बन सकता है, जिसके लिए अभी कदम उठाने की आवश्यकता है।’’

आपको बता दें कि CDC द्वारा 24 जुलाई तक इकट्ठा किए गए आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में 16.2 करोड़ लोगों का टीकाकरण हो चुका है और हर सप्ताह लक्षण वाले करीब 35,000 मामले आ रहे हैं।

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