मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र आज से प्रारंभ हो रहा है, जो 16 फरवरी से 6 मार्च तक चलेगा। सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होगी। इस दौरान कुल 12 बैठकें आयोजित की जाएंगी। वहीं, राज्य सरकार 18 फरवरी को विधानसभा में अपना पहला पेपरलेस बजट प्रस्तुत करेगी।
विधानसभा की कार्यवाही की शुरुआत वंदे मातरम् के गायन से होगी, इसके बाद मंगू भाई पटेल का अभिभाषण होगा। अपने संबोधन में राज्यपाल सरकार की विकास यात्रा, जनकल्याणकारी योजनाओं से आए बदलाव और संकल्प पत्र 2023 में किए गए वादों पर अब तक हुए कार्यों की जानकारी देंगे। साथ ही आगामी लक्ष्यों और प्राथमिकताओं को भी सदन के समक्ष रखेंगे। अभिभाषण के बाद विभिन्न प्रतिष्ठित व्यक्तियों और नेताओं के निधन पर शोक उल्लेख होगा, जिस पर पक्ष और विपक्ष के सदस्य अपने विचार व्यक्त करेंगे।
6 मार्च तक चलने वाले इस बजट सत्र में कुल 12 बैठकें निर्धारित हैं।
पहले दिन: राज्यपाल का अभिभाषण और कृतज्ञता प्रस्ताव
18 फरवरी: उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया जाएगा (पेपरलेस)
सत्र के दौरान विधानसभा को कुल 3478 प्रश्नों की सूचनाएं प्राप्त हुई हैं। इसके अतिरिक्त 236 ध्यानाकर्षण, 10 स्थगन प्रस्ताव और 41 अशासकीय संकल्प पेश किए जाएंगे। वहीं, शून्य काल में 83 सवाल उठाए जाएंगे।
बजट सत्र की रणनीति तय करने के लिए आज एमपी कांग्रेस विधायक दल की बैठक भी आयोजित की जा रही है। यह बैठक नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बुलाई है। बैठक उनके भोपाल स्थित आवास पर होगी, जिसमें सत्र के दौरान मोहन सरकार को घेरने की रणनीति और रूपरेखा पर चर्चा की जाएगी। कांग्रेस विधायक प्रदेश से जुड़े जनहित के प्रमुख मुद्दों पर मंथन करेंगे।
बजट सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच विकास, बजट प्रावधानों और जनहित के मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिल सकती है। पहला पेपरलेस बजट होने के कारण यह सत्र तकनीकी और प्रशासनिक दृष्टि से भी खास माना जा रहा है।