Madhya Pradesh News: ओरछा के श्री रामराजा सरकार मंदिर में 27 अक्टूबर 2026 से शीतकालीन समय-सारणी लागू होगी। यहां जानें सुबह, शाम के दर्शन और आरती का नया समय।
Madhya Pradesh News: ओरछा के श्री रामराजा सरकार मंदिर में 27 अक्टूबर 2026 से शीतकालीन समय-सारणी लागू होगी। यहां जानें सुबह, शाम के दर्शन और आरती का नया समय।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दतिया उपचुनाव कार्यक्रम के बाद झांसी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के विकास की सराहना की। मुख्यमंत्री ने बताया कि वे निवाड़ी और ओरछा में विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे और उसके बाद भोपाल के लिए रवाना होंगे।
ओरछा रामराजा मंदिर में दान राशि अनियमितता के मामले में 2017 में दर्ज एफआईआर को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने 9 साल बाद रद्द कर दिया। मामले में तत्कालीन लिपिक पर लगे आरोपों को पर्याप्त सबूतों के अभाव में खारिज किया गया। लोकायुक्त जांच में भी आरोप निराधार पाए गए थे।
ओरछा के मडोर वन चौकी से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें चौकी कई दिनों से बंद होने और शासकीय भूमि पर दोबारा कब्जे के आरोप लगाए गए हैं। स्थानीय लोगों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं, हालांकि आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
निवाड़ी जिले के चंद्रपुरा वन क्षेत्र में कथित अवैध रेत उत्खनन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में है। ग्रामीणों ने मंगरा नाला क्षेत्र में अवैध खनन के आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल मामले की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ओरछा में आयोजित कथा के दौरान संत राजेंद्र दास जी महाराज ने गौ रक्षा, प्राकृतिक खेती, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए।
राज्यसभा सांसद महेश केवट ने पहली बार ओरछा पहुंचकर रामराजा सरकार के दर्शन किए। उन्होंने केन-बेतवा लिंक परियोजना और बुंदेलखंड के विकास को लेकर बड़ा बयान दिया।
निवाड़ी जिले के ओरछा में सरकारी जमीन पर अवैध प्लॉटिंग किए जाने का मामला सामने आया है। किसानों ने आरोप लगाया है कि खसरा नंबर 1049/191/1/1 की भूमि पर नियमों की अनदेखी कर प्लॉट काटे जा रहे हैं। उन्होंने तहसीलदार को शिकायत सौंपकर जांच और कार्रवाई की मांग की है। किसानों का कहना है कि क्षेत्र में जल निकासी की व्यवस्था नहीं है और भूमि विवादित है। वहीं प्रशासन ने