Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में मध्यप्रदेश आजाद कोटवार कर्मचारी संघ की इकाई ने कोटवारों की कई समस्याओं को लेकर आवाज उठाई है। बता दें संघ ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर लंबित वर्दी भत्ते का भुगतान, बेगारी प्रथा पर रोक और कोटवारों के मान-सम्मान की रक्षा सहित कई मांगें उठाई हैं। जिसके बाद संघ ने प्रशासन से इन समस्याओं का जल्द समाधान करने की अपील की है।
दरसअल, संघ का कहना है कि कोटवारों का शासकीय वर्दी भत्ता पिछले कई वर्षों से लंबित है। ऐसे में मांग की गई है कि भत्ते की राशि बिना देरी सीधे कोटवारों के बैंक खातों में जमा की जाए। इसके साथ ही रेडीमेड वर्दी देने की व्यवस्था पर भी आपत्ति जताई गई है। जिसमें संघ का कहना है कि कोटवारों पर रेडीमेड वर्दी लेने का दबाव बनाया जाना बंद किया जाना चाहिए।
जानकारी के लिए बता दें ज्ञापन में कोटवारों को बार-बार कलेक्ट्रेट और तहसील कार्यालय बुलाए जाने की समस्या भी उठाई गई है। संघ के मुताबिक, बिना किसी ठोस कारण के कार्यालय बुलाने से ग्रामीण क्षेत्रों में उनके नियमित शासकीय काम प्रभावित होते हैं। इस व्यवस्था में बदलाव की मांग करते हुए कहा गया है कि कोटवारों को केवल अत्यंत आवश्यक कार्यों के लिए ही लिखित आदेश जारी कर बुलाया जाए।

कोटवार संघ ने बेगारी कराए जाने पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। संघ ने इसे संविधान और मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता की धारा 230 के प्रावधानों के विपरीत बताया है। साथ ही, 18 जुलाई 2007 के शासकीय पत्र का हवाला देते हुए बेगारी नहीं कराने संबंधी निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
जिला अध्यक्ष बेटा लाल ओमरे के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कोटवारों की समस्याओं के प्रति प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया गया। जिसमें संघ ने उम्मीद जताई कि उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर जल्द कार्रवाई की जाएगी।
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