MP News: मध्य प्रदेश विधानसभा को आधुनिक और पेपरलेस बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। दरअसल, अब से ई-विधान परियोजना के तहत विधायकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू कर दिया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य सदन की कार्यवाही को डिजिटल माध्यम से संचालित करना और संसदीय प्रक्रियाओं को ज्यादा सरल, व्यवस्थित और पारदर्शी बनाना है।
बता दें कि इस बेहतरीन पहल की वजह से प्रदेश के विधायकों को प्रश्नकाल, शून्यकाल, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव और याचिकाओं समेत विभिन्न संसदीय प्रक्रियाओं को डिजिटल तरीके से संचालित करने की जानकारी दी जा रही है। साथ ही प्रशिक्षण के लिए विधायकों को 50-50 के समूह में शामिल किया गया है, ताकि वे डिजिटल प्रणाली और मोबाइल एप्लिकेशन का सही से उपयोग करना सीख सकें।
विधायक हरदीप सिंह डंग ने ई-विधान परियोजना को सराहनीय पहल बताया। उन्होंने कहा कि डिजिटल व्यवस्था लागू होने से विधायकों का समय बचेगा, कागजी काम कम होगा और आने-जाने से जुड़े खर्च में भी कमी आ सकती है।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि भविष्य में यदि एप्लिकेशन की सुविधाएं आम नागरिकों के लिए उपलब्ध कराई जाती हैं, तो लोग अपने विधायकों द्वारा विधानसभा में उठाए गए सवालों और जनहित के मुद्दों की जानकारी हासिल कर सकेंगे। इससे जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही और पारदर्शिता को बढ़ावा मिल सकता है।

भाजपा विधायक अभिलाष पांडे ने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को इस पहल के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि विधायकों को टैबलेट उपलब्ध कराने के बाद अब डिजिटल संसदीय कार्यप्रणाली का प्रशिक्षण देना विधानसभा के आधुनिकीकरण की दिशा में अहम कदम है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प का उल्लेख करते हुए डिजिटल तकनीक और सुशासन की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि ई-विधान परियोजना की सफलता में विधायकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। प्रशिक्षण का उद्देश्य सभी सदस्यों को नई तकनीक से परिचित कराना और इसका प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है। इस परियोजना से विधानसभा की कार्यवाही में कागज की खपत कम करने, समय बचाने और कामकाज को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। आगामी विधानसभा सत्र में पेपरलेस कार्यप्रणाली को आगे बढ़ाने की दिशा में यह पहल अहम मानी जा रही है।
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