इंदौर: मध्य प्रदेश में शहरी विकास को नई दिशा देने और निवेश के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में ‘मध्यप्रदेश अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0’ का शुभारंभ किया। इस आयोजन में आधुनिक शहरों के निर्माण, सतत विकास, शहरी सुविधाओं के विस्तार और आर्थिक गतिविधियों को गति देने से जुड़े कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने नीति आयोग की सिटी इकोनॉमिक रीजन (CER) पहल के तहत तैयार ‘इंदौर आर्थिक क्षेत्र 2047 : आर्थिक महायोजना’ का विमोचन किया। इसके साथ ही भोपाल और इंदौर नगर निगम की बिजनेस रिस्पॉन्सिबिलिटी एंड सस्टेनेबिलिटी रिपोर्ट (BRSR) भी जारी की गई। इन पहलों का उद्देश्य शहरी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और विकास की दीर्घकालिक योजनाओं को आगे बढ़ाना है।
कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शहरी विकास और नियोजन से संबंधित तीन नीतियों के प्रारूप का शुभारंभ किया। इनमें मध्यप्रदेश अर्बन अफोर्डेबल हाउसिंग एंड हैबिटेट पॉलिसी 2026, मध्यप्रदेश ट्रीटेड वेस्टवॉटर रिसाइक्लिंग एंड रीयूज पॉलिसी 2026 और मध्यप्रदेश यूनिफाइड लैंड डेवलपमेंट एंड बिल्डिंग प्रमोशन रूल्स 2026 शामिल हैं। इन नीतिगत पहलों के जरिए किफायती आवास, उपचारित जल के दोबारा उपयोग और शहरी भूमि विकास एवं भवन निर्माण से जुड़ी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है।

कार्यक्रम में शहरी वित्तपोषण, संसाधनों के टिकाऊ प्रबंधन, संस्थागत सहयोग और निवेश को बढ़ावा देने के लिए छह समझौता ज्ञापनों (MoUs) का आदान-प्रदान किया गया। इनमें प्रमुख रूप से ये साझेदारियां शामिल हैं:
अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 के माध्यम से प्रदेश के शहरों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने, निवेश आकर्षित करने और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप शहरी ढांचा विकसित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इन पहलों से शहरी निकायों की वित्तीय क्षमता, संसाधन प्रबंधन और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को मजबूती मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में हुई इन गतिविधियों को मध्य प्रदेश में सुनियोजित शहरी विकास और आर्थिक प्रगति की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।