ज्वारों को सज्जित रथों में शिरोधार्य कर घर घर अगवानी की। आगामी दो-तीन दिन घर-घर माता के गीत गूजेंगे। इसके बाद माता को विदाई दी जाएगी।
ज्वारों को सज्जित रथों में शिरोधार्य कर घर घर अगवानी की। आगामी दो-तीन दिन घर-घर माता के गीत गूजेंगे। इसके बाद माता को विदाई दी जाएगी।
जवारों को रथों में शिरोधार्य कर ढोल-मांदल के साथ घर लेकर आएंगे। वहीं रविवार व सोमवार को अपने-अपने घरों से महिला-पुरुष समूह के साथ गणगौर माता के रथों को श्रृंगारित कर सिर पर रखकर गीत गाते झामरिया बाग में ले जाएंगे। इस दौरान झामरिया बाग में उत्सवी माहौल नजर आएगा।