स्वामी हर्षानंद गिरि ने कहा कि वे 2019 से उत्तराखंड में रहकर साधना कर रही थीं। ऐसे में बिना जानकारी के उन पर सवाल उठाना गलत है। उन्होंने कहा कि अगर कोई यह साबित कर दे कि उन्हें विदेश से फंडिंग मिली है, तो वे जवाब देने को तैयार हैं। लेकिन यदि आरोप गलत साबित हुए, तो एक करोड़ रुपए की मानहानि दी जाए।
