सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को मथुरा में रिफाइनरी के लिए अधिग्रहित की गई 263 एकड़ भूमि के मुआवजे की दर बढ़ाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि भूमि मालिकों को 1.93 रुपये प्रति वर्ग मीटर की बजाय 15 रुपये प्रति वर्ग मीटर मुआवजा दिया जाए।
1977 का है मामला
यह मामला 1977 में मथुरा रिफाइनरी के लिए अधिग्रहित की गई भूमि से जुड़ा था। भूमि मालिकों ने कोर्ट में इस फैसले के खिलाफ अपील की थी। उनका कहना था कि उनकी जमीन रिफाइनरी के ठीक सामने है। पर उन्हें बेहद कम मुआवजा दिया गया, जबकि रिफाइनरी के आसपास की भूमि के लिए मुआवजा 15 रुपये वर्ग मीटर निर्धारित किया गया था।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को पलटते हुए मुआवजे की दर बढ़ाने का निर्देश दिया और कहा कि भूमि मालिकों को दिए गए मुआवजे पर ब्याज भी मिलेगा। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को आठ सप्ताह के भीतर भुगतान करने का आदेश दिया है।
This Post is written by Shreyahi Gupta